तुलसी के फायदे – Tulsi ke Fayde In Hindi

तुलसी की पत्तियों के फायदे – Tulsi ke Fayde In Hindi


1. तुलसी के पत्तियों को पानी में पकाकर सेवन करने से सिर दर्द गायब हो जाता है।

2. तुलसी की पत्तियों का रस पीने से उल्टी होनी बन्द हो जाती है।

3. तुलसी की पत्तियों का रस पीने से पेट के कीड़े (कृमि) मर जाते हैं।

4. तुलसी और अदरक के रस को बराबर भाग में लेकर गरम करके पीने से पेट दर्द में लाभ होता है।

5. 12 ग्राम तुलसी का रस, 6 ग्राम शहद दोनों को मिलाकर पीने से हिचकी बन्द हो जाती है।

6. एक गिलास पानी में 12 ग्राम तुलसी के पत्ते उबाल कर चौथाई रहने पर, बचे हुए पानी को पीने से यकृत का बढ़ना एवं यकृत के अन्य रोग ठीक हो जाते हैं।

7. तुलसी के पत्ते और काली मिर्च समान भाग पीस लें। इसकी मूंग के बराबर या बना लें। एक-एक गोली चार बार दें। इससे कूकर खांसी ठीक हो जाती है।

8. दमा के दौरे के समय ऐसा प्रयास करना चाहिए जिससे कफ पतला होकर निकले। कफ निकलने पर ही रोगी को आराम मिलेगा। तुलसी के रस में बलगम को पतला कर निकालने का गुण है। तुलसी का रस, शहद, अदरक का रस, प्याज का रस मिलाकर लेने से दमा में बहुत लाभ होता है।

9. निमोनिया में तुलसी के 20 हरे पत्ते और 5 काली मिर्च पीस कर गर्म पानी में मिलाकर पिलाने से लाभ होता है।

10.  20 तुलसी के पत्ते, 20 काली मिर्च, जरा-सी अदरक और दाल-चीनी एक गिलास पानी में चाय की तरह उबाल कर चीनी मिलाकर गर्म-गर्म पीने से हर प्रकार के ज्वर (बुखार) में लाभ करती है।

11. 12 ग्राम तुलसी के पत्ते का रस नित्य पीते रहने से ज्वर (बुखार) ठीक हो जाता है।

12. तुलसी और सूर्यमुखी के पत्तों का रस पीने से टाइफाइड बुखार ठीक हो जाता है।

13. तुलसी का सेवन करने से मलेरिया जैसी समस्या से छुटकारा दिलाती है।

14. तुलसी और चमेली अनन्नास के पत्ते चबाने से छाले ठीक हो जाते हैं।

15. टॉन्सिलाइटिस और गले के रोग तुलसी की माला पहनने से नहीं होते।

16. तुलसी का रस नाक में टपकाने से रक्त-स्राव बन्द हो जाता है।

17. बवासीर पर तुलसी के पत्तों को पीसकर लेप करने या रस लगाने से लाभ होगा। तुलसी के पत्तों का सेवन भी करें।

18. एक जड़ सहित तुलसी का ताजा हरा पौधा लें। इसे धोकर साफ कर लें। फिर इसे कूटकर आधा किलो पानी, आधा किलो तेल में मिलाकर धीमी-धीमी आँच पर पकायें। पानी जल जाने और तेल बचने पर मलकर छान लें। यह तुलसी का तेल बन गया। इसे सफेद दागों पर लगायें। लाभ होगा।

19. तुलसी के पत्तों का रस 250 ग्राम, नारियल का तेल 250 ग्राम दोनों को मिलाकर धीमी आँच पर गरम करें। पानी का भाग जल जाने पर गरम तेल में ही 12 ग्राम मोम डालकर हिलायें। बस मरहम तैयार है। फुन्सी, खुजली पर लगाने से इससे बहुत लाभ होगा।

20. तुलसी के पत्तों का रस और नीबू का रस समान मात्रा में मिलाकर लगाने से काले धब्बे या मुँहासे ठीक हो जाते हैं।

21. आधे सिर के दर्द में तुलसी के पत्तों का चूर्ण शहद के साथ सुबह-शाम चाटने से लाभ होता है।

22. तुलसी के पत्तों को उबालते हुए इसकी भाप वात ग्रस्त अंगों पर दें तथा इसके गर्म पानी से धोयें। तुलसी के पत्ते, काली मिर्च, गाय का घी तीनों मिलाकर सेवन करें। इससे जोड़ों के दर्द में लाभ होता है।

23. तुलसी के पत्तों का रस शहद में मिलाकर मसूड़ों पर लगाने से और थोड़ा-सा चटाने से दाँत बिना कष्ट से निकल आते हैं।

24. तुलसी का पानी और काली मिर्च पीस कर गोली बना लें। इसे दुखते दांत के नीचे दबाए रखने से दांत दर्द शान्त होता है।

25. खाना खाने के बाद तुलसी के पत्ते चबाने से मुंह में दुर्गन्ध नहीं आती।

26. तुलसी के पत्ते और छ: काली मिर्च पीसकर एक कप पानी में मिलाकर पिलाने से भाँग का नशा उतर जाता है।

27. तुलसी के पत्तों का रस गरम करके कान में डालने से दर्द ठीक हो जाता है।

28. तुलसी के पत्तों का रस चीनी में मिला कर पीने से चक्कर नहीं आते।

29. तुलसी के पत्तों का रस, शहद तथा एक कप पानी में मिलाकर पीने से मोटापा घटता है।

30. तुलसी के हरे पत्तों को पीसकर मिरगी वाले के सारे शरीर पर प्रतिदिन मालिश करने से लाभ होता है।

31. मासिक धर्म रुकने पर तुलसी के बीज एक चम्मच एक गिलास पानी में उबाल कर आधा पानी रहने पर पीने से मासिक-धर्म आने लगता है।

32. तुलसी के पत्तों पर नीबू निचोड़ कर बारीक पीस कर चेहरे पर नित्य लेप करें। इससे चेहरे के दाग, धब्बे, विशेषकर काले दाग ठीक हो जायेंगे।

33. फेफड़ों में अगर कफ जमा हो तो तुलसी के सूखे पत्ते, कत्था,कपूर और इलायची समान मात्रा, नौ गुनी शक्कर ये सब मिला कर बारीक पीस लें। यह होम्योपैथी का IX विचूर्ण (Trituration) बन जाता है। इसे चुटकी भर सुबह-शाम सेवन करने से जमा हुआ कफ बाहर निकल जाता है।

34. किसी भी रोग में यदि प्यास अधिक हो तो तुलसी के पत्तों को पीसकर, पानी में मिलाकर, नीबू निचोड़कर, मिश्री मिलाकर पिलाने से प्यास कम हो जाती है।

35. तुलसी की पत्तियों को छाया में सुखाकर बारीक पीसकर कपड़े से छानकर घाव पर छिड़कने से घाव भर जाता है। इसके पत्तों को पीसकर भी लगा सकते हैं।

36. तुलसी के पत्तों को पीसकर नमक मिलाकर उसका रस नाक में डालने से बेहोशी, मूर्छा में लाभ होता है।

37.  तुलसी के पत्तों का रस चीनी में मिलाकर पिलाने से लू नहीं लगती और लू लगने पर लाभ होता है।

38. चौथाई चम्मच तुलसी के बीज एक मुरब्बे के ऑवले पर डालकर रोजाना खायें, पित्ती ठीक हो जायेगी।

39. दाद पर तुलसी के पत्तों का रस और नीबू का रस समान मात्रा में मिलाकर लगाने से ठीक हो जाता है।

40. सौ पत्ते तुलसी के, चौथाई चम्मच नमक, आधा नीबू निचोड़कर पीसकर दाद पर लेप करें

41. सौ पत्ते तुलसी के और 5 कली लहसुन पीस कर दाद पर लेप करें

42. दाद को साफ करके नीबू रगड़ें, फिर तुलसी की पत्तियाँ पीस कर लेप करें। इस प्रकार दो बार रोजाना 15 दिन लगायें। दाद ठीक होगा।

43. 15 पत्ते तुलसी के खायें तथा इसके पत्तों को पानी में पीस कर कोढ़ ग्रस्त अंगों पर लगायें, राहत मिलेगा।

44. तुलसी के पत्तों का रस शरीर पर लगाने से मच्छर नहीं काटते।