सेंधा नमक के फायदे – Sendha Namak Ke Fayde In Hindi

सेंधा नमक के फायदे – Benefits of Himalayan Rock Salt in Hindi


1. हींग, छोटी हरड़, सेंधा नमक, अजवाइन सब समान मात्रा में मिलाकर पीस लें। एक चम्मच रोजाना तीन बार गर्म पानी के साथ फंकी लेने से अपच ठीक हो जाता है।

2. एक भाग सेंधा नमक, देशी बूरा (चीनी) चार भाग दोनों को पीसकर एक कप गर्म पानी में घोलकर खाना खाने के दस मिनट बाद लेने से भूख की कमी दूर हो जाती है।

3. पिसी हुई सोंठ और सेंधा नमक एक गिलास पानी में गर्म करके पीने से पेट-दर्द, कब्ज, अपच ठीक हो जाती है।

4. काली मिर्च में स्वादानुसार सेंधा नमक मिलाकर सुबह शाम फंकी लेने से खट्टी डकारें आनी बन्द हो जाती है।

5. सेंधा नमक, काला नमक और नित्य काम आने वाला नमक ये तीनों समान मात्रा में मिलाकर पीस लें। इसकी आधी चम्मच गर्म पानी में मिलाकर पीयें। हिचकी बन्द हो जायेगी।

6. साठ ग्राम पिसी हुई राई आधा किलो पानी में उबालें। चौथाई पानी रहने पर स्वादानुसार सेंधा नमक मिलाकर हर घंटे से पिलाते रहने से हिचकी बन्द हो जाती है।

7. सेंधा नमक पानी में घोलकर नाक में टपकाने से हिचकी बन्द हो जाती है।

8. घी या पानी में सेंधा नमक पीसकर मिलाकर सूंघने से भी हिचकी बन्द हो जाती है।

9. आधा चम्मच सेंधा नमक, चार चम्मच राई पानी डालकर पीसकर यकृत-स्थान पर पाँच मिनट लेप करें और फिर धोकर घी लगा दें। इससे लिवर (यकृत) में हो रहे दर्द में लाभ होता है।

10. नीबू में सेंधा नमक और काली मिर्च भरकर गरम करके चूसने से बुखार में लाभ होता है।

11. सेंधा नमक एक भाग, देशी चीनी (बूरा) चार भाग, दोनों मिलाकर बारीक पीस चम्मच नित्य तीन बार गरम पानी से लेने से मौसमी ज्वर (बुखार) में लाभ होता है।

12. सेंधा नमक एक भाग, देशी चीनी (बूरा) चार भाग-ये दोनों मिलाकर बारीक पीस लें। आधा चम्मच नित्य तीन बार गरम पानी से लेने से मलेरिया बुखार आना बन्द हो जाता है।

13. दस ग्राम पके हुए फालसे, 5 दाने काली मिर्च, चुटकी भर सेंधा नमक लेकर घोट लें। उसमें एक कप पानी तथा थोड़ा-सा नीबू का रस मिलाकर कुछ दिनों तक नयमित रूप से पीने से हृदय की दुर्बलता खत्म हो जाती है।

14. बारीक पिसा हुआ सेंधा नमक दाँतों पर मलने से चमक आती है।

15. 25 ग्राम मुनक्का धोकर, बीज निकाल कर घी से सेक कर सेंधा नमक डाल कर दो बार 7 दिन खाने से चक्कर आना बन्द हो जाता है।

16. एक नीबू स्वाद के अनुसार सेंधा नमक, एक पाव गर्म पानी में मिलाकर सुबह भूखे पेट दो माह पीने से मोटापा कम होता है।

17. पेट दर्द, दस्त लगना, अग्निमांद्य होने पर जामुन के रस में सेंधा नमक मिलाकर पिलाने से रोगी को राहत मिलती है

18. एक चम्मच सौंठ और सेंधा नमक एक गिलास पानी में गर्म करके पीने से पेट दर्द दूर होता है।

19. पित्ती या छपाकी निकलने पर देशी घी और सेंधा नमक को मिलाकर मालिश करें। फिर कम्बल ओढ़कर पसीना लें। पित्ती मिट जायेगी।

20. पित्ती होने पर एक चम्मच अजवाइन और स्वादानुसार सेंधा नमक मिलाकर प्रातः भूखे पेट पानी से फँकी लेने से लाभ होता है।

21. गाजर का बुरादा, बारीक टुकड़े कर लें। इसमें सेंधा नमक डालकर सेंकें और फिर गर्म-गर्म ही दाद पर बाँध दें। आराम मिलेगा।

22. वारपाठे को एक ओर से छीलकर गूदे पर पिसा हुआ सेंधा नमक डालें। फिर इसे कुत्ते द्वारा काटे स्थान पर लगाकर पट्टी बाँध दें। इस प्रकार नित्य चार दिन पटटी बाँधने से ठीक हो जायेगा