कौसानी के पर्यटन स्थल

कौसानी के पर्यटन स्थल

Apr 20,2021 09:06 AM posted by Admin

समुद्र-तल से लगभग 1980 मीटर की ऊंचाई पर बसा यह पर्वतीय स्थल अपने प्राकृतिक सौंदर्य व मनोहारी स्थलों के लिए विश्व-भर में प्रसिद्ध है। इस पर्वतीय नगर की हरी-भरी घाटियां व नैसर्गिक सौंदर्य को देख महात्मा गांधी ने कहा था— 'कौसानी धरती का स्वर्ग है।' कहा जाता है कि इस शहर के सौंदर्य से प्रभावित होकर ही गांधीजी ने अपनी 'अनासक्ति योग' नामक पुस्तक की रचना इसी शहर में की थी।

सूर्योदय का दृश्य इतना खूबसूरत होता है कि बस दृश्य को देखने के लिए सैलानी दूर-दराज के क्षेत्रों से यहां आते हैं। चीड़ व देवदार के पेड़ों से घिरी यह नगरी विश्व-भर के पर्यटन स्थलों में अपनी खास जगह रखती है। 

कौसानी के पर्यटन स्थल - Tourist places in Kausani in hindi

पंत संग्रहालय, सोमेश्वर, पिनाकेश्वर, पिंडारी ग्लेशियर

पंत संग्रहालय - Pant Museum Tourist place

यह संग्रहालय बस अड्डे से कुछ ही दूरी पर स्थित है। इस संग्रहालय में ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित हिंदी के प्रमुख कवि सुमित्रानंदन पंतजी के दैनिक उपयोग में आने वाली वस्तुओं के साथ-साथ उनकी कविताओं की पांडुलिपियां व पत्र आदि रखे हुए है। 

सोमेश्वर - Someshwar Tourist place

सोमेश्वर का प्रसिद्ध मंदिर कौसानी से 19 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस मंदिर का निर्माण चंद्रवंशीय राजा सोमचंद ने करवाया था। कत्युरी शैली में बना यह मंदिर यात्रियों को मंत्रमुग्ध कर देता है।

पिनाकेश्वर - Pinakeshwar Tourist place

कौसानी से 20 किलोमीटर तथा समुद्र-तल से 9050 फुट की ऊंचाई पर स्थित  पिनाकेश्वर अत्यंत रमणीक व मनोहारी स्थल है। ट्रैकिंग के लिए यह उउपयुक्त स्थल है। पिनाकेश्वर के पास ही बूढ़ा पिनाकेश्वर, हुरिया तथा गोपालकोट का सौंदर्य पर मन मोह लेता है।

पिंडारी ग्लेशियर - Pindari Glacier Tourist place

यह अद्भुत ग्लेशियर 3820 मीटर की ऊंचाई पर है। पिंडर नदी यहीं से निकलती है। ट्रैकिंग के लिए यह उपयुक्त स्थल है। प्रतिवर्ष देश-विदेश के पर्यटक ट्रैकिंग के लिए यहां आते हैं। पिंडारी ग्लेशियर की सैर करने के लिए सबसे पहले बागेश्वर पहुंचना पड़ता है। बागेश्वर कौसानी से 39 किलोमीटर दूर है। बागेश्वर से कपपोट पहुंचना पड़ता है जो बागेश्वर से 25 किलोमीटर की दूरी पर है। कपपोट से लोहार खेत आना पड़ता है, जो 16 किलोमीटर दूर है। इसके बाद लोहारखेत से पिंडारी ग्लेशियर की 35 किलोमीटर की यात्रा पैदल तय करनी पड़ती है . 

कुमाऊं मंडल विकास निगम व कुछ पर्यटन संस्थाएं सितंबर व अक्टूबर के मध्य 7 से 9 दिन का पर्यटकों को ग्लेशियर की सैर कराने का कार्यक्रम बनाती हैं, जो पर्यटकों के लिए सुविधाजनक होता है।

कौसानी कैसे जाएं? 

रेल मार्ग : निकटतम रेलवे स्टेशन काठगोदाम है, जो यहां से 142 किलोमीटर दूर है। काठगावान से कौसानी की दूरी आप स्थानीय बस या टैक्सी द्वारा तय कर सकते हैं।

सड़क मार्ग : समीपवर्ती प्रदेशों से कौसानी के लिए सीधी बस सेवाएं उपलब्ध हैं।

कौसानी कब जाएं?

वैसे तो कौसानी बरसात के मौसम को छोड़कर किसी भी मौसम में आया-जाया जा सकता है, फिर भी अप्रैल से जून और सितंबर से अक्टूबर का समय यहां घूमने के लिए अच्छा है।