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जोधपुर के पर्यटन स्थल

जोधपुर के पर्यटन स्थल

Apr 30,2021 08:46 AM posted by Admin

सूर्यनगरी के नाम से प्रसिद्ध पश्चिमी राजस्थान का चेतना केंद्र जोधपुर मानवीय संस्कृति से संपन्न है। राजस्थान के अन्य शहरों की अपेक्षा यहां सूर्य का प्रकाश ज्यादा देर तक उपलब्ध होता है, इसलिए इसे 'सूर्यनगरी' कहा जाता है। सामरिक दृष्टि से सुरक्षित इस शहर के चारों ओर मजबूत परकोटा बना हुआ है, जिसके 7 मुख्य द्वार है। इस शहर की स्थापना सूर्यवंशी राजा राव जोधा ने 12 मई, 1459 को की थी। यहाँ अक्तूबर से मार्च तक का मौसम घूमने के लिए आनंददायक है। यहां स्थित भव्य महल, किले, मंदिर व उत्कृष्ट संग्रहालय दर्शनीय हैं।

जोधपुर में घूमने की जगह - Tourist places in Jodhpur in hindi

मेहरानगढ़ किला, जसवंत थड़ा, उम्मेद भवन पैलेस, उम्मेद उद्यान, मंडोर उद्यान, पुष्य नक्षत्र हवेली, रणछोड़जी का मंदिर, कायलाना झील, माचिया सफारी पार्क, ओसियां

मेहरानगढ़ किला - Mehrangarh Tourist place

15वीं शताब्दी में बना यह किला शिल्प कला का उत्कृष्ट नमूना है। यह शहर से करीब 5 किलोमीटर दूर 400 फुट ऊंची एक पहाड़ी पर बना है। इसकी भव्यता दूर से ही नजर आती है। इस दुर्ग की स्थापना राव जोधाजी ने 13 मई, 1454 में की थी। यह दुर्ग देश के गौरवमय शौर्य तथा लोक संस्कृति का साक्षात गवाह है।

जसवंत थड़ा - Jaswant Thada Tourist place

मेहरानगढ़ किले से 400 मीटर की दूरी पर स्थित जसवंत थड़ा संगमरमर के पत्थरों से बनी बहुत ही खूबसूरत इमारत है। इसे महाराजा जसवंत सिंह-द्वितीय की स्मृति में बनवाया गया। इसके भीतर जोधपुर मारवाड़ नरेशों के चित्र लगे हए हैं। इस इमारत के पीछे स्थित बाग व सरोवर इसकी खूबसूरती में चार-चांद लगाते हैं। 

उम्मेद भवन पैलेस - Umaid Bhawan Palace Tourist place

उम्मेद भवन पैलेस जोधपुर के मुख्य आकर्षणों में एक है। यह शहर से करीब 2 मील दूर एक छोटी टेकरी पर बना है। इसका निर्माण महाराजा उम्मेद सिंह ने सन् 1928-42 में करवाया था। इस पैलेस का डिजाइन रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स, लंदन के अध्यक्ष रहे आर्किटेक्ट एच.यू. लांचेस्टर ने तैयार किया था। वर्तमान में यह पैलेस 3 भागों में बंटा है। इसके एक भाग में राज परिवार रहता है, दूसरे भाग में वेलकम ग्रुप का आलीशान होटल है। तथा तीसरे भाग में एक संग्रहालय है, जो पर्यटकों के लिए खुला है।

उम्मेद उद्यान - Umed Garden Tourist place

यह उद्यान शहर के मध्य में स्थित है। इसके 4 दरवाजे हैं। यहां बना चिड़ियाघर, सार्वजनिक पुस्तकालय व संग्रहालय देखने योग्य है।

मंडोर उद्यान - Mandore Garden Tourist place

मंडोर उद्यान शहर से 10 किलोमीटर दूर है। यह उद्यान 82 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ हैं। यह उद्यान केवल साधारण बगीचों की तरह फूलों की क्यारियों, हरी-भरी घास का संगम नहीं है, बल्कि यहां जोधपुर मारवाड़ के पूर्व नरेशों की स्मृति में कई छतरियाँ व देवल बने हुए हैं। इनमें महाराजा अजीत सिंह व जसवंत सिंह की छतरियां विशेष रूप से सुंदर हैं। इस उद्यान के परिसर में चट्टानों को काटकर बनाई गई मानवीय आकार की 16 मूर्तियां भी देखने योग्य हैं।

पुष्य नक्षत्र हवेली - Punya Nakshatra Haveli Tourist place

यह हवेली चांदपोल के पास स्थित है। कहते हैं कि इस हवेली का निर्माण कार्य केवल पुष्य नक्षत्र को ही होता था। इतिहास में यह अपनी तरह का उदाहरण है। इस हवेली की स्थापत्य कला देखते ही बनती है।

रणछोड़ जी का मंदिर - Ranchhod Ji Mandir Tourist place

यह मंदिर रेलवे स्टेशन के सामने लाल पत्थरों से बना है। इस मंदिर में पत्थरों की सुंदर जालियां देखते ही बनती हैं। इसमें रणछोड़जी की काले पत्थर की बनी प्रतिमा दर्शनीय है। यह मंदिर बाहर और भीतर से भव्य दिखाई देता है।

कायलाना झील - Kaylana Lake Tourist place

यह झील शहर से करीब 11 किलोमीटर दूर जैसलमेर रोड पर स्थित है। यहां एक खूबसूरत उद्यान बना हुआ है तथा पर्यटकों के लिए बोटिंग की सुविधा भी उपलब्ध है। यहां से सूर्यास्त का नजारा बड़ा ही खूबसूरत दिखाई देता है।

माचिया सफारी पार्क - Machia Safari Park Tourist place

जोधपुर शहर से लगभग 15 किलोमीटर दूर कायलाना के पास 500 हेक्टेयर क्षेत्रफल में माचिया सफारी पार्क स्थित है। यहां अंग्रेजों के शासनकाल में स्वतंत्रता सेनानी जयनारायण व्यास एवं उनके साथियों को नजरबंद किया था। इस मृगवन में चिंकारा, काला हिरण, नीलगाय, भेड़िया एव लंगूर बहुतायत रूप में देखे जा सकते हैं।

ओसियां - Osian Tourist place

यह जोधपुर से करीब 65 किलोमीटर दूर जैसलमेर रोड पर है। यहाँ के लिए स्थानीय बसों के साथ-साथ जीपें भी चलती हैं। वर्तमान में यह स्थल एक छोटा-सा गांव है। यहां की कलात्मक मंदिर व मूर्तियां देखने योग्य हैं।

जोधपुर कैसे जाएं?

रेल मार्ग : जोधपुर देश के प्रमुख शहरों से सीधे रेल मार्ग द्वारा जुड़ा हुआ है।

सड़क मार्ग : जोधपुर सड़क मार्ग द्वारा देश के सभी प्रमुख शहरों से जुड़ा हुआ है। यहा के लिए पड़ोसी राज्यों से नियमित बसें चलती हैं।

जोधपुर कब जाएं?

जोधपुर भ्रमण के लिए उपयुक्त समय सर्दियों का मौसम है, इसलिए यहां इसी सीजन में आना चाहिए। गर्मी का मौसम यहां घूमने के लिए सर्वथा अनुपयुक्त है, क्योंकि रेतीला इलाका होने से दिन में गर्म हवाएं अधिक चलती हैं और तापमान भी काफी बढ़ जाता हैं।