फतेहपुर सीकरी के पर्यटन स्थल

Apr 03,2021 09:23 AM posted by Admin

फतेहपुर सीकरी आगरा से लगभग 39 किलोमीटर दूर, राजस्थान की सीमा से सटा एक पर्यटन स्थल है। इसका निर्माण मुगल बादशाह अकबर ने अपनी राजधानी के रूप में सन् 1564 में शुरू कराया था। लेकिन उस वक्त पानी की कमी होने की वजह से इस शहर को छोड़कर आगरा को अपनी राजधानी घोषित कर दी थी।

फतेहपुर सीकरी के पर्यटन स्थल - Tourist places in Fatehpur Sikri in hindi

बुलंद दरवाजा, शेख सलीम चिश्ती की दरगाह, पंच महल, नौवतखाना, दीवाने आम, खास महल, दीवाने खास, मरियम महल, जोधाबाई महल, हाथी गुर्ज, अनूप तालाब, हिरन मीनार एवं नगीना मस्जिद। 

बुलंद दरवाजा - Buland Darwaza Tourist place

बुलंद दरवाजा फतेहपुर सीकरी का प्रवेश द्वार कहलाता है। लगभग 176 फुट ऊंचा यह दरवाजा एशिया का सबसे ऊंचा दरवाजा माना जाता है। इस दरवाजे का निर्माण सम्राट अकबर ने गुजरात पर विजय प्राप्त करने के उपलक्ष्य में करवाया था। पर्यटक इस दरवाजे को देखकर आश्चर्य में पड़ जाते हैं। 

शेख सलीम चिश्ती की दरगाह - Tomb of Salim Chishti Tourist place

यह दरगाह सफेद चमचमाते पत्थरों से बनी है। इसकी जालियों पर की गई नक्काशी देखते ही बनती है। यहां एक विशाल मस्जिद भी है, जिसमें एक लाख लोग एक साथ नमाज अदा कर सकते हैं। इस दरगाह पर विशेष अवसरों पर कव्वालियों का आयोजन किया जाता है।

जोधाबाई का महल - Jodha Bai's Palace Tourist place

यह अकबर का रनिवास था जहां उसकी बेगमें बादशाह का दिल बहलाया करती थीं।

अनूप तालाब - Anoop talab Tourist place

इस सरोवर के बीचोबीच एक बड़ा चबूतरा है। कहा जाता है कि कभी इस चबूतरे पर बैठकर महान संगीतज्ञ तानसेन अपने इतिहास प्रसिद्ध रागा करते थे।

हिरन मीनार - Hiran Minar Tomb Tourist place

हिरन मीनार की दीवारों पर बड़े-बड़े सींगनुमा नुकीले पत्थर लगे हुए है। कुछ लोगो का कहना है कि यहां जंगल से घेरकर हिरन लाए जाते थे तथा इस बुर्ज पर चढ़कर मुगल बेगमें उन हिरणों का शिकार किया करती थीं।

पंच महल - Panch Mahal Tourist place

यह पांच मंजिला इमारत बेहद सुंदर है। कहा जाता है कि इस महल से ईद का चांद तथा हिंदू रानियां करवा चौथ का चांद देखा करती थी अलग-अलग डिजाइन के 176 खंभे हैं, जो बेहद खूबसरत हैं। 

नौबतखाना  - Naqqar khana Tourist place

लाल पत्थरों से बनी यह इमारत बेहद खूबसूरत व देखने योग्य है। हिंदू-मुस्लिम स्थापत्य कला के सम्मिश्रण का बेजोड़ उदाहरण है। कहा जाता के यहां प्रवेश करने पर यहां नगाड़े बजाए जाते थे।

दीवाने-आम - Diwan-I-Am Tourist place

दीवाने-आम में सम्राट अकबर आम जनता की फरियाद सुना करते थे और संबंधी फैसले सुनाया करते थे। लाल पत्थरों से बने दीवाने-आम की शिल्प-कलानक्काशी देखने लायक है। 

खास महल तथा ख्वाबगाह - Khas mahal Tourist place

यह अकबर का शाही निवास था। संगीत सम्राट तानसेन का गायन अकबर इसी जगह पर बैठकर सुना करता था।

दीवाने-खास - Diwan-e-Khas Tourist place

इस जगह पर बैठकर अकबर अपने नवरत्नों के साथ गंभीर विचार-विमर्श करता था। यह भवन बाहर से देखने पर दोमंजिला जान पड़ता है, जबकि वास्तव में यह एकमंजिला है। इसके बीचोबीच स्थित अष्टकोणीय खंभे की नक्काशी देखने लायक है। 

अन्य देखने वाली जगह :
मरियम महल, जोधाबाई महल, हाथी बुर्ज, नगीना मस्जिद और हिरन मीनार देखने योग्य हैं।