अल्मोड़ा के पर्यटन स्थल

Apr 05,2021 12:52 PM posted by Admin

समुद्र तल से 1,646 मीटर की ऊंचाई पर बसा अल्मोड़ा उत्तराखण्ड (कुमाऊ) का औराणिक शहर है। पर्वतों की गोद में बसा यह शहर नैनीताल से 67 किलोमीटर दूर है। पुरातन समय में यह नगर कुमाऊं की राजधानी हुआ करता था। चीड़, देवदार, बांस, - बुरांस एवं मोरपंखी के हरे-भरे पेड़ों से आच्छादित यह शहर भारत के प्रमुख पर्यटन स्थलों में एक है। 

अल्मोड़ा के पर्यटन स्थल - Tourist places in Almora in Hindi

म्यूजियम, चितई मंदिर, डियर पार्क, ब्राइट एंड कॉर्नर, कटारमल, नैना देवी मंदिर, जागेश्वर, बिनसर, कोसी, बागेश्वर, बैजनाथ, कसार देवी

म्यूजियम - Museum Tourist place

अल्मोड़ा बस अड्डे के पास स्थित म्यूजियम पंडित गोविंद बल्लभ पंत के नाम पर बनवाया गया है। यहां मध्य हिमालय की संस्कृति एवं इतिहास से संबंधित अनेक दुर्लभ वस्तुएं संग्रहीत हैं। 

चितई मंदिर - Chitai Golu Devta Temple Tourist place

चितई मंदिर अल्मोड़ा से 8 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस मंदिर की पूरे कुमाऊं में बहुत मान्यता है। इस मंदिर में दूर-दराज से लोग मन्नतें मांगने आते हैं।

डियर पार्क - Deer Park Tourist place

इस पार्क को एन.टी.डी. (N.T.D.) के नाम से भी जाना जाता है। अल्मोड़ा से यह 3 किलोमीटर दूर है। शाम के वक्त यहां खासी रौनक रहती है। शाम के वक्त यहाँ सैर करने का अपना ही मजा है।

ब्राइट एंड कॉर्नर - Bright-end corner Tourist place

अल्मोड़ा से केवल 2 किमी. की दूरी पर ब्राइट एंड कॉर्नर से सूर्योदय व सूर्यास्त का दृश्य बहुत खूबसूरत दिखाई देता है। यहां से हिमालय की बर्फ से ढकी चोटियां साफ - साफ दिखाई देती हैं। यह स्थल पर्यटकों को दूर से ही अपनी ओर आकर्षित करता है।

कटारमल - Katarmal Tourist place

उडीसा में कोणार्क के सूर्य मंदिर की तरह कटारमल में देश का दूसरा महत्वपूर्ण सूर्य मंदिर बना है, जो कि 800 साल पुराना है। वर्तमान में यह मंदिर जर्जर हालत में है, फिर भी इसकी स्थापत्य कला देखते ही बनती है। अल्मोड़ा से यह मंदिर 17 किमी दूर हैं।  

नैना देवी मंदिर - Naina Devi Tourist place 

सैकड़ों वर्ष पुराना नैना देवी का यह मंदिर अल्मोड़ा के मुख्य बाजार के मध्य में स्थित है। इस मंदिर की दीवारों पर उत्कीर्ण की गई मूर्तियां देखने लायक हैं। इस मंदिर की अपनी धार्मिक महत्ता है। प्रतिवर्ष यहां नैना देवी का मेला लगता है, जिसकी रौनक देखते ही बनती है।

जागेश्वर - Jageshwar Dham Tourist place

जागेश्वर बहुत पुराने कलात्मक व स्थापत्य कला में बेजोड़ मंदिरों का एक समूह है। अल्मोड़ा से इसकी दूरी 35 किलोमीटर है। यह मंदिर द्वादश ज्योर्तिलिंगों में एक माना जाता है। यहां से 2 किलोमीटर की दूरी पर 'हरी झंडी' नामक एक पहाड़ी है, जहां का मनोरम वातावरण पर्यटकों को बहुत भाता है। 

बिनसर - Binsar Tourist place

अल्मोड़ा से 30 किलोमीटर की दूरी पर स्थित बिनसर मंदिर का निर्माण चन्द्रवंशीय राजा कल्याण ने करवाया था। समुद्र-तल से इसकी ऊंचाई लगभग 2412 मीटर हैं। यहाँ का शांत व मनोरम वातावरण पर्यटकों के मन को आत्मिक शांति प्रदान करता है। 

कोसी - Koshi River Tourist place

अल्मोड़ा से 13 किलोमीटर की दूरी पर कोसी भी प्राकतिक सौंदर्य से आभिभूत हैं। पर्यटक यहां के शांत मनोरम वातावरण में रच बस जाना चाहते हैं। यहा केंद्र सरकार का गोविंद बल्लभ पंत पर्यावरण संस्थान है जो कि मध्य हिमालयी क्षेत्र में पर्यावरण शोध का महत्त्वपूर्ण केंद्र है।

बागेश्वर - Bageshwar Tourist place

सरय नदी के तट पर बसे बागेश्वर में सन् 1450 में बनवाया गया बागनाथ का चीन मंदिर है। अल्मोड़ा से 90 किलोमीटर दूर बागेश्वर अपनी व्यापारिक मंडी के लिए प्रसिद्ध है। यहां खाने-पीने व ठहरने की उत्तम व्यवस्था है।

बैजनाथ - Baijnath Tourist place

अल्मोडा से 71 किलोमीटर दूर बैजनाथ पुरातात्विक महत्त्व के मंदिरों की श्रृंखला है। गोमती नदी के तट पर बने भगवान शिव, पार्वती व गणेश के इन मंदिरों का निर्माण 12वीं व 13वीं शताब्दी में कत्यूरी वंश के राजाओं द्वारा करवाया गया था। इन मंदिरों की स्थापत्य कला पर्यटकों को बेहद् भाती है।

कसार देवी - Kasar Devi Tourist place

दूसरी शताब्दी में निर्मित यह प्राचीन मंदिर अल्मोड़ा से 5 किलोमीटर दूर एक पहाड़ी पर बना है। यहां से 1 किलोमीटर की दूरी पर 'कालीमठ' नामक पिकनिक स्थल है, जहां पिकनिक मनाने का अपना ही मजा है।

अल्मोड़ा कैसे जाएं?

रेल मार्ग : निकटतम रेलवे स्टेशन काठगोदाम है, जो अल्मोड़ा से 91 किलोमीटर दूर है। दिल्ली, हावडा, बरेली, रामपुर आदि शहरों से यहाँ के लिए नियमित रूप से ट्रेनें चलती है। काठगोदाम से अल्मोड़ा के लिए स्थानीय बसें व टैक्सियां उपलब्ध हैं। 

सड़क मार्ग : समीपवर्ती प्रदेशों से अल्मोड़ा के लिए राज्य परिवहन निगम की सीधी उपलब्ध हैं।

अल्मोड़ा कब जाएं?

अल्मोड़ा में गर्मियों में भी सुबह-शाम हल्की ठंड रहती है, इसलिए गर्मियों के मौसम में भी हल्के ऊनी वस्त्र साथ लेकर जाएं। वैसे बारिश के मौसम को छोड़कर अल्मोड़ा किसी भी मौसम में घूमा जा सकता है।