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आगरा के पर्यटन स्थल

आगरा के पर्यटन स्थल

Feb 28,2021 11:57 PM posted by Admin

आगरा उत्तर प्रदेश का प्रमुख पर्यटन स्थल है तथा ताजमहल के लिए विश्व प्रसिद्ध है। कहा जाता है कि प्राचीन काल में यहां एक बहुत बड़ा जंगल था, जिसे राजा उग्रसेन (कंस के पिता) ने साफ करवाकर इस नगर की नींव रखी थी और अपने नाम पर इस नगर का नाम 'उग्रसेन' रखा था, जो धीरे-धीरे 'आगरा' में बदल गया।

आगरा के पर्यटन स्थल - Tourist places in Agra in hindi


ताजमहल, लाल किला, रामबाग, एतमादुद्दौला, चीनी का रोजा, स्वामी बाग, जामा मस्जिद एवं सिकंदरा भवन। 

ताजमहल -Taj Mahal Tourist place

ताजमहल मुगलकालीन कला का अद्भुत नमूना है। यमुना नदी के तट पर स्थित इस बेजोड़ व भव्य इमारत का नक्शा तुर्क के नक्शा-नवीस उस्ताद इंशा ने तैयार किया था। भारतीय एवं ईरानी मजदूरों के मिले-जुले श्रम से यह भव्य इमारत सन् 1631 से 1653 के बीच तैयार की गई थी। इस इमारत को बनाने में उस समय चार करोड़, चौरासी लाख, पैंसठ हजार एक सौ छियासठ रुपए की लागत आई थी।

ताजमहल संगमरमर के दोहरे चबूतरे पर बना हुआ है। चबूतरे पर चढ़ने के लिए दो जीने बने हुए हैं, जिन पर चढ़ने के लिए 22-22 सीढियां हैं। मकबरे का भवन नीचे से अष्ट कोण आकार का बना हुआ है। चबूतरे से गुम्बद तक की ऊंचाई 220 फुट है। शहंशाह व उनकी प्रिय बेगम मुमताज की प्रेम कहानी सुनाता ताजमहल विश्व-भर के पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। चांदनी रात में इसकी खूबसूरती देखते ही बनती है।

आगरा का लाल किला -Agra's Red Fort Tourist place

जिस स्थान पर आगरा का किला है, बहुत पहले यहाँ बादलगढ़ का किला हुआ करता था। समय के साथ-साथ वह किला नष्ट हो गया था। मुगल सम्राट अकबर ने  1563 ई. से 1573 ई. तक लगभग 8 वर्षों में बादलगढ़ किले के ध्वंसावशेषों पर इस किले का निर्माण करवाया था। इस किले में अकबरी महल, जहांगीरी महल, प्राचीर तथा प्रवेश द्वार अकबर ने बनवाए थे, जबकि शीश महल, खास महल, दीवाने-आम और दीवाने -खास तक मोती मस्जिद का निर्माण अकबर के पोते सम्राट शाहजहां ने करवाया था।

और परकोटों, पंचतोरण दीवारों तक बाहरी खाई का निर्माण औरंगजेब ने करवाया था। इस किले में दिल्ली दरवाजा, अमर सिंह दरवाजा, दरियाई दरवाजा तथा दर्शनी दरवाजा नामक 4 दरवाजे है। पर्यटकों के लिए प्रवेश द्वार के रूप में अमर सिंह दरवाजा ही खुला होता है। किले के भीतर 3 मस्जिदें-मीना मस्जिद, शाही मस्जिद एवं नगीना मस्जिदे है, जो दर्शनीय हैं।

रामबाग - Rambagh Tourist place

यह बाग अपनी हरियाली और सुंदरता से पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है। बाबर द्वारा बनाए गए इस बाग के बारे में कहा जाता है कि यह भारत का पहला मुग़ल उद्यान था। इस बाग के सौंदर्य को पास में बहती यमुना नदी और भी मनमोहक बना देती है। 

एतमादुद्दौला - Itmad-ud-Daula Tourist place

यह भी आगरा की प्रमुख दर्शनीय इमारत है। इसे नूरजहां ने अपने पिता मिर्जा ग्यासददीन बेग की याद में सन् 1622 से 1628 के बीच बनवाया था।
भव्य एवं खूबसूरत इमारत सफेद पत्थर से बनी हुई है। यहां पत्थरों में की गई मदीन नक्काशी तथा आकर्षक पच्चीकारी देखने लायक है। यह इमारत एक सुंदर भारताकार बगीचे से घिरी हुई है। इसमें बनी जालियां तथा विभिन्न वनस्पतियों के रंगों बनी चित्रकारी खासतौर से देखने योग्य है। इससे जहांगीर और नूरजहां का चित्रकला प्रेम बखूबी उजागर होता है। 

चीनी का रोजा - Chini Ka Roza Tourist place

यह एक मकबरा है। इसे सन् 1618 में जहांगीर ने अपने वजीर एवं प्रमुख कवि शकूरउल्ला खां की याद में बनवाया था। इस मकबरे में चीनी मिट्टी की टाइल्स का अधिक उपयोग किया गया है। इसी वजह से यह मकबरा ‘चीनी का रोजा' के नाम से जाना जाता है। 

स्वामी बाग- Soami Bagh Tourist place

यह आगरा से 8 किलोमीटर दूर राधा-स्वामी संप्रदाय के प्रवर्तक का भव्य सफेद रंग का स्मारक है। यहां बेलबूटों की नक्काशी और पच्चीकारी दर्शनीय है। 

जामा मस्जिद - Jama Masjid Tourist place

इसका निर्माण शाहजहां की सबसे प्रिय पुत्री जहांआरा ने सन् 1648 में करवाया था। सफेद तथा लाल पत्थरों से बनी यह इमारत आगरा किले के पास ही स्थित है। 

सिकंदरा भवन - Sikandra bhawan Tourist place

सम्राट सिकंदर लोधी ने सन् 1492 ई. में आगरा पर विजय पाई थी और इस स्थान पर अपनी राजधानी बनाई थी। अपने नाम पर सिकंदर लोधी ने इस जगह का नाम सिकंदरा रखा था। यह स्थान आगरा से मथुरा रोड पर पांच मील की दूरी पर है। सम्राट अकबर को यह जगह बहुत पसंद आई थी। उनकी दिली इच्छा थी कि उन्हें यहीं पर दफनाया जाए।

सन् 1605 ई. में अकबर की मृत्यु होने पर उन्हें इसी स्थान पर दफनाया गया था। हांलाकि इस मकबरे का निर्माण अकबर ने अपने जीते-जी करवाना शुरू कर दिया था, लेकिन इसे पूरा करवाया था जहाँगीर ने। लगभग 16 लाख रुपए की लागत से बना यहाँ मकबरा सन् 1613 ई. में बनकर तैयार हुआ था। इस मकबरे के चारों कोनों पर सफेद पत्थर की 4 खूबसूरत मीनारें हैं। हिंदू तथा मुस्लिम स्थापत्य कला का खूबसूरत मिश्रण है। 


आगरा कैसे जाएं?


वायु मार्ग : आगरा वायु मार्ग के द्वारा दिल्ली, खजुराहो व वाराणसी से सीधा जुड़ा हुआ है। 

सड़क मार्ग : आगरा राष्ट्रीय राज मार्ग नंबर 2, 3 एवं 11 पर स्थित है। दिल्ली तथा आसपास क प्रदशों से यहां रोडवेज की नियमित बसें चलती हैं। इसके अतिरिक्त कई शहरों से निजी टूरिस्ट बसें व टैक्सी सेवाएं भी उपलब्ध हैं।

कब जाएं?


बारिश के मौसम को छोड़कर आगरा कभी भी जाया जा सकता है। वैसे सितंबर से अप्रैल तक का समय ठीक रहता है। सर्दियों के मौसम में यहां अत्यधिक सर्दी पड़ती है, इसलिए बेहतर होगा कि आप अपने साथ गर्म कपड़े अवश्य ले जाएं।