दो खड्डे-अकबर बीरबल की कहानी

Apr 09,2021 07:14 AM posted by Admin

एक दिन सुबह-सुबह बादशाह ने बीरबल को कहा-बीरबल, कल रात मुझे स्वप्न आया। स्वप्न में तुम और मैं शिकार खेलने जंगल में गए। शिकार की खोज में हमें जंगल में शाम पड़ गई और हम दोनों एक पहाड़ी पर चढ़ गए और उस समय जंगल में शेर की आवाज़ सुन कर घबरा गए और अचानक हम दोनों पहाड़ी से नीचे गिर गए। फिर महाराज। बीरबल ने पूछा। बादशाह ने आगे स्वप्न सुनाते हुए कहा-तुम बाएं तरफ के खड्डे में गिर पड़े और मैं दाएँ तरफ के खड्डे में गिर पड़ा। बस महाराज-बीरबल ने फिर पूछा।नहीं, बादशाह ने कहा-जिस खड्डे में तू गिरा था वह गन्दगी के साथ भरा हुआ था और जिस खड्डे में मैं गिरा वह शहद से भरा हुआ था।

इस तरह महाराज अपना स्वप्न सुना कर मन ही मन मुस्कराने लगे। आगे बीरबल भी कौन सा कम था? बीरबल-साहिब, यह तो कमाल ही हो गया। बादशाह-कौन सी बात का कमाल हो गया?बीरबल-महाराज, रात मुझे भी यही स्वप्न आया, पर मुझे इससे आगे भी स्वप्न आया। अगर आप आज्ञा दें तो बाकी का स्वप्न में पूरा कर दूं।बादशाह-आज्ञा है। बीरबल-महाराज, जब हम दोनों खड्डे में से बाहर आए तो हम दोनों को बड़ी ज़ोर से भूख लगी हुई थी। मैं आपको चाटने लग पड़ा और आप मुझे चाटने लग पड़े। इस तरह बीरबल से मुंह की खा कर अकबर बहुत शर्मिन्दा हुआ।