भूल का एहसास-अकबर बीरबल की कहानी

Apr 09,2021 07:04 AM posted by Admin

एक बार अकबर बादशाह अपने सेवकों के साथ शिकार खेलने के लिए जंगल में गए और वहाँ उनकी नज़र एक आदिवासी (जंगली) औरत पर पड़ी, जिसने खुद ही अपने बच्चे को जन्म दिया और उसको टोकरे में डाल कर खुशी-खुशी अपने घर को चली गई। उस औरत का अपने बच्चों को खुद ही जन्म देकर मुस्कुराते हुए अपने घर को चले जाना बादशाह को सोचने पर मजबूर कर रहा था कि इस औरत ने बिना किसी तकलीफ और बिना किसी की सहायता से बच्चे को जन्म दिया। फिर यह भी तो औरत है परन्तु मेरी बेगम बच्चा पैदा करते समय कितने नखरे करती है, क्यों? बादशाह ने सोचा कि शायद वह जान बूझ कर ऐसा करती हो। अपने महल में वापिस आकर बादशाह बेगम को गुस्से हो कर कहने लगे कि आज मुझे पता लगा है कि तुम बच्चे को जन्म देते समय जान-बूझ कर नखरे करती हो। बेगम ने बादशाह को कुछ पूछना चाहा, लेकिन बादशाह को गुस्से में देखकर उसका हौसला न पड़ा और वह चुपचाप जाकर बिस्तर पर लेट गई। उसने सोचा कि जब बादशाह का गुस्सा ठण्डा होगा तो अपनी ज़रूरत को ही मेरे पास आयेंगे। पर मनाना तो एक तरफ रहा, बादशाह ने बेगम के साथ बोलना ही बंद कर दिया।

जब इस तरह कई दिन बीत गये तो बेगम ने बीरबल के बीरबल के पास जाकर सारी बात बताई और कहा-बीरबल, मुझे पता करके बताओ कि को क्या हो गया है? मेरे साथ इस तरह का व्यवहार क्यों करना
बीरबल को इस बात का पहले ही पता लग चुका था कि बार अपनी बेगम के साथ नाराज़ क्यों हैं?बीरबल ने बादशाह की बेगम को तसल्ली देते हुए कहा कि जिस तरह मैं आप को कहता हूँ, आप महल में जाकर उसी तरह करना। तब बेगम ने बीरबल से पूछा कि उसे क्या करना चाहिए। बीरबल ने कहा-सबसे पहले आप अपने बगीचे के माली को कहो कि वह फूल-पौधों को पानी देना बन्द कर दे। इस तरह करने से आपको सारी बात का पता चल जायेगा और बादशाह को भी अपनी गलती का अहसास हो जायेगा।


कुछ दिनों के बाद बगीचे के सारे फूल-पौधे पानी न मिलने के कारण मुझने लग पड़े। जब एक दिन बादशाह की नज़र बगीचे में मुझये हुए फूल-पौधों पर पड़ी तो उनको बहुत गुस्सा आया। बादशाह माली को अभी पूछने ही लगा था कि ऊपर से बेगम साहिबां आ गईं और कहने लगी कि माली को बगीचे में पानी देने से मैंने ही मना किया था। इस बेचारे का कोई कसूर नहीं है। क्या आपको पता नहीं कि बिना पानी से पौधों का क्या हाल होगा? बादशाह ने बेगम को गुस्से होकर कहा। महाराज! मैंने यह सोच कर माली को बगीचे में पानी देने से मना किया था कि जो जंगल के सारे फूल-पौधे बिना किसी की देखभाल हरे-भरे रह सकते हैं तो हमारे बगीचे के फूल-पौधे क्यों नहीं रह सकते? बादशाह बेगम के दिल की बात को जान गए। इस तरह बादशाह ने अपनी भूल का एहसास किया।