बादशाह की दाढ़ी-अकबर बीरबल की कहानी

Apr 10,2021 12:16 AM posted by Admin

एक बार की बात है कि अकबर बादशाह महल में बैठे हए थे। बस साहिबां ने अपने पुत्र को लाकर उनकी गोद में बिठा दिया। बादशाह अपने छोटे प्यारे पत्र के साथ खेलने लगे। खेलते हुए साहिबजादे ने दोनों हाथों से बादशाह की दाढ़ी पकड़ ली। बादशाह बड़ी मुश्किल से अपनी दाढ़ी छुड़ा कर जब दरबार में वापिस आया तो उन्होंने दरबारियों से एक सवाल पूछा-जो कोई मेरी दाढ़ी पकड ले तो उसको क्या सज़ा देनी चाहिए? एक ने कहा-दाढ़ी खींचने वाले की गर्दन उड़ा देनी चाहिए। दूसरे ने कहा-उसके हाथ काट देने चाहिएं। किसी ने कुछ कहा और किसी ने कुछ। जितने मुँह उतनी बातें पर किसी के जवाब से भी बादशाह की तसल्ली न हुई। आखिर उन्होंने बीरबल की तरफ सवाली नजरों से देखा।


बीरबल ने कहा-महाराज! उसको मिठाई खिलानी चाहिए। बीरबल के इस जवाब से बादशाह हंस पड़े और कहा यह तो तुमने बहुत सुन्दर बात कही, पर उसे मिठाई क्यों खिलानी चाहिए? बीरबल ने बड़ी नम्रता से कहामहाराज, आपकी दाढ़ी पकड़ने वाले नन्हे-मुन्ने शहजादे के बिना कोई और नहीं हो सकता। बीरबल की दूरअंदेशी से सारे दरबारी हैरान रह गए।