अजवायन खाने के फायदे - Ajwain Khane Ke Fayde In Hindi

अजवायन खाने के फायदे - Ajwain Khane Ke Fayde In Hindi

Aug 18,2021 06:10 AM posted by Admin

अजवाइन सेहत के साथ-साथ स्वाद के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। अजवाइन हमारे घरो के मसालों के रूप में प्रयोग किया जाता है। इसका वैज्ञानिक नाम ट्रैक्स्स्पर्मम कॉप्टिकम है। अजवाइन एक औषधीय जड़ी बूटी है इसलिए आपको अजवाइन के फायदे, लाभ और नुकसान की पूरी जानकारी आपको होना चाहिए। तो आइये जानते है, अजवाइन के कुछ लाभकारी गुण और नुकसान के बारे में-

अजवायन खाने के फायदे - Ajwain Khane Ke Fayde In Hindi

1. पानी में अजवाइन और शक्कर मिलाकर पीने से गले की आवाज खुल जाती है।

2. सोने से पहले अजवाइन का पानी पीने से कमर को पतली बनाया जा सकता है।

3. अजवायन का 1 चम्मच रस रोजाना दो बार देने से दस्त में काफी लाभ होता है।

4. हींग, छोटी हरड़, सेंधा नमक, अजवाइन सब समान मात्रा में मिलाकर पीस लें। एक चम्मच रोजाना तीन बार गर्म पानी के साथ फंकी लेने से अपच ठीक हो जाता है।

5. एक चम्मच अजवाइन पीस कर गुड़ में मिला कर तीन बार रोजाना खाने से पेट के कीड़े निकल जाते हैं।

6. अजवाइन का चूर्ण 4 ग्राम एक गिलास छाछ के साथ देने से पेट के कृमि नष्ट हो जाते हैं।

7. पिसी हुई अजवाइन एक चम्मच , एक गिलास पानी, एक नीबू का रस मिलाकर पीने से पेट मे होने वाली एसिडिटी खत्म हो जाती है।

8. 6 ग्राम अजवाइन नित्य फाँकने से गुर्दे व मूत्राशय की पथरी निकल जाती है।

9. अजवाइन और तिल मिलाकर खाने से बहमूत्रता ठीक हो जाती है।

10. एक गिलास पानी में एक चम्मच अजवायन डालकर उबाल लें। इस पानी को ठंडा करके उससे गरारे और कुल्ला करने से टॉन्सिल में आराम मिलता है।

11. छाछ में नमक और पीसी हुई अजवाइन मिलाकर पीने से बवासीर में लाभ होता है।

12. 30 ग्राम अजवाइन बारीक पीसकर 25 ग्राम दही में मिला कर फिर पीस कर रात को मुँहासों पर लगायें। प्रात: गरम पानी से चेहरा धोयें। मुँहासे मिट जायेंगे।

13. आधा चम्मच अजवाइन पिसी हुई, चार मुनक्का के साथ पीसकर आधा कप पानी में घोल कर दो बार नित्य लम्बे समय तक पिलाने से पागलपन दूर होता है।

14. 50 ग्राम काले तिल, 25 ग्राम अजवाइन, 100 ग्राम गुड़ में मिला लें। इसे 8 ग्राम सुबह-शाम दो बार नित्य खाते रहने से बार-बार पेशाब जाना एवं बच्चों का बिस्तर पर पेशाब करना बन्द हो जायेगा।

15. हर प्रकार का दांत का दर्द अजवाइन के प्रयोग से ठीक होता है।

16. अजवाइन को तवे पर जला कर पीस कर मंजन करने से मसूड़ों के रोग मिटते हैं, दाँत साफ होते हैं।

17. छाछ में काला नमक और अजवाइन मिलाकर पीने से मोटापा कम होता है।

18. गुड़ और अजवाइन घी में हलवे की तरह बनाकर खाने से दर्द एवं रुककर आने वाला मासिक-धर्म ठीक हो जाता है।

19. रुके हुए मासिक धर्म को खुलकर लाने के लिए 6 ग्राम अजवाइन का चूर्ण दो बार गर्म दूध से दें।

20. काँटा चुभा हो तो उसे सुई से कुरेद कर गुड़ और अजवाइन गर्म करके बाँधने से काँटा बाहर निकल जाता है।

21. सौंठ की पाँच गुनी अजवाइन पीसकर नीबू के रस में तर कर लें। इसे छाया में सुखाकर नमक मिला लें। सुबह-शाम पानी के साथ लेने से गैस ठीक होता है।

22. 15 ग्राम अजवाइन प्रात: मिट्टी के बर्तन में दो कप पानी में भिगो दें। दिन में मकान में और रात को खुले में, ओस में रखें। दूसरे दिन प्रातः छानकर पियें। इसी प्रकार इसे लगातार पंद्रह दिन पियें। इससे तिल्ली बढ़ी हुई हो तो ठीक हो जाती है।

23. पित्ती होने पर एक चम्मच अजवाइन और स्वादानुसार सेंधा नमक मिलाकर प्रातः भूखे पेट पानी से फँकी लेने से लाभ होता है।

24. एक चम्मच अजवाइन, इसका दुगना गुड़,  दो कप पानी में उबालकर पीने से पित्ती में लाभ होता है

25.दाद होने पर गर्म पानी में अजवाइन पीसकर लेप करें। अजवाइन को पानी में उबाल कर उससे दाद को धोयें, लाभ होगा।

26. अजवाइन को पानी में पीस कर बिच्छू द्वारा काटे गए स्थान पर लगाने से जलन, दर्द कम होता है।

27.अजवाइन पीसकर समान भाग सरसों के तेल में मिलाकर उसमें गत्ते के टुकडों को तर करके. चारो ओर लेप करके कमरे में चारों कोनों में लटका दें। मच्छर कमरे में नहीं आएंगे।

अजवाइन के नुकसान - Ajwain Ke Nuksan In Hindi

यदि अगर किसी चीज का जरुरत से ज्यादा सेवन कर लिया जाए तो वह चीज हमें नुकसान करती ही है, ठीक उसी तरह अगर अजवाइन का इस्तेमाल जरुरत से ज्यादा कर लिया जाए तो यह भी हमें कुछ इस तरह का नुक़सान पहुँचती है- ज्यादा अजवाइन खाने से एसिडिटी कम होने के जगह पर बढ़ सकती है। अजवाइन लिमिट से ज्यादा खाने पर सिर दर्द, उल्टी, पेट में जलन जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं। महिलाएं प्रेगनेंसी के दौरान कब्ज या कॉन्स्टिपेशन से राहत के लिए अजवायन खाती हैं, लेकिन इस स्थिति में अजवायन शिशु के लिए भी घातक हो सकती है। ज़्यादा मात्रा में अजवायन खाने से मुंह का स्वाद बिगड़ जाता है, अम्लता बढ़ती है।