Jallianwala Bagh Massacre In Hindi - जलियांवाला बाग हत्याकांड के बारे में रोचक तथ्य

Apr 10,2019 12:54 AM posted by Admin

अगर आज हम लोग सुकून के साथ अपने घरो में बैठे है, तो उसकी वजह है जालियाँवाला बाग हत्याकांड। इसकी वजह से ही भारत देश को आजादी मिली थी। इस कांड में हजारो लोगो ने अपनी जान गवाई थी। आइए जाने जलियांवाला बाग हत्याकांड से जुडी हुई रोचक जानकारी- Jallianwala Bagh Massacre In Hindi - जलियांवाला बाग हत्याकांड के बारे में रोचक तथ्य

Facts About Jallianwala Bagh Massacre In Hindi - जलियांवाला बाग हत्याकांड के बारे में रोचक तथ्य


1. एक साधारण सा बाग जलियांवाला बाग हत्याकांड 13 अप्रैल सन् 1919 को बना। इसी दिन जलियांवाला बाग में जनरल डायर ने कई मासूम लोगों पर गोलियां चलाने का आदेश दिया था जिससे हजारों लोगों की मौत हो गई थी। 2. जब जलियांवाला बाग में गोलियां बरस रही थी सब लोग गोलियों से बचने के लिए वहां मौजूद कुएं में कूदने लगे थे। 3. जलियांवाला बाग कभी जलली नामक आदमी की संपत्ति थी। 4. जलियांवाला बाग हत्याकांड में एक 6- सप्ताह का बच्चा भी मारा गया था। 5. जलियांवाला बाग कांड एक ऐसा कांड था जिसकी वजह से ही हमें आजादी मिल पाई है। 6. बैसाखी जैसे शुभ दिन पर जलियांवाला बाग हत्याकांड हुआ था। 7. जलियांवाला बाग हत्याकांड में लगभग 10 मिनट तक गोलियां चली थी। 8. स्मारक में लौ के रूप में एक मीनार बनाई गई है जहाँ शहीदों के नाम अंकित हैं। यह डिज़ाइनअमेरिकी वास्तुकार बेंजामिन पोल्क ने बनाई थी। 9. जलियांवाला बाग अमृतसर में स्वर्ण मंदिर के पास केवल 1.3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। 10. जलियांवाला बाग में चलने वाली गोलियों के निशान आज भी दीवारों पर देखे जा सकते हैं। 11. जलियांवाला बाग हत्याकांड को लेकर जनरल रेजीनॉल्ड डायर ने अपने उच्च अधिकारियों को यह बयान दिया था कि उन पर भारतीयों की एक फ़ौज ने हमला किया था जिससे बचने के लिए उसको गोलियाँ चलानी पड़ी। 12. स्मारक बनाने हेतु आम जनता से चंदा इकट्ठा करके इस जमीन के मालिकों से करीब 5 लाख 65 हजार रुपए में इसे खरीदा गया था। 13. वह कुआँ भी मौजूद हैं जिसमें लोग गोलीबारी से बचने के लिए कूद गए थे। 14. अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर कार्यालय में 484 शहीदों की गिनती है, जबकि जलियाँवाला बाग़ में केवल 388 शहीदों की गिनती है। ब्रिटिश राज के अनुसार इस घटना में 200 लोगों के घायल होने और 379 लोगों के शहीद होने की बात स्वीकार करते है जबकि अनाधिकारिक आँकड़ों के अनुसार 1000 से अधिक लोग मारे गए और 2000 से अधिक घायल हुए। कितना सच है, कुछ पता नहीं।