मेंढक का वैज्ञानिक नाम

मेंढक का वैज्ञानिक नाम

Jun 06,2021 04:53 PM posted by Admin

मेंढक उभयचर वर्ग का जंतु है, इसका मतलब है कि मेंढक पानी तथा जमीन दोनों जगह पर रह सकता है। इसका कारण यह है कि यह एक शीतरक्ती प्राणी है अर्थात् इसके शरीर का तापमान वातावरण के ताप के अनुसार घटता या बढ़ता रहता है। शीतकाल में यह ठंडक से बचने के लिए पोखर आदि की निचली सतह की मिट्टी लगभग दो फुट की गहराई तक खोदकर उसी में पड़ा रहता है। अगर बात खाने पीने की करे तो कुछ खाता भी नहीं है। इस क्रिया को शीतनिद्रा या शीतसुषुप्तावस्था कहते हैं। इसी तरह की क्रिया गर्मी के दिनों में होती है। ग्रीष्मकाल की इस निष्क्रिय अवस्था को ग्रीष्मसुषुप्तावस्था कहते हैं।

मेंढक का वैज्ञानिक नाम - Scientific Name

वैज्ञानिक नाम : राना टिग्रिना (Hoplobatrachus tigerinus)

मेंढक कितने प्रकार से सांस लेता है?

अक्सर लोग पूछते है कि मेढक साँस कैसे लेते है तो आपकी जानकारी के लिए बता दे, कि मेढक मे तीन सांस की सतह पाई जाती है, जिसके द्वारा वह लोग बड़ी आसानी के साथ सांस ले सकते है।

1. त्वचा 
2. फेफडों
3. मुंह मे अस्तर। 

मेंढक कितने प्रकार के होते हैं?

मेंढक लगभग 6,300 से अधिक प्रजातियां हैं, जो लगभग 88% विलुप्त उभयचर प्रजातियों के लिए जिम्मेदार हैं। ‌‌‌मेंढक आमतौर पर पानी के अंदर ही अंडे देते हैं। लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दूँ मेंढक की कुछ प्रजातियां भूमी पर भी अंडे देती हैं