महर्षि वेदव्यास के अनमोल विचार – Maharshi Vedvyas Quotes In Hindi

महर्षि वेदव्यास के अनमोल विचार – Maharshi Vedvyas Quotes In Hindi


Quote: 1 जो जैसा कर्म करता है , उसी प्रकार का फल भोगता है |

Maharshi Vedvyas – महर्षि वेदव्यास

Quote: 2 इकट्ठा हुआ धन पाले हुए दुश्मन के समान होता है , क्योकि इसे छोड़ना बहुत मुश्किल होता है।

Maharshi Vedvyas – महर्षि वेदव्यास

Quote: 3 वह राजा इस लोक में और परलोक में दोनों जगह सुख पाता , जिस राजा को देशवासियों को प्रसन्न रखने की कला आती है|

Maharshi Vedvyas – महर्षि वेदव्यास

Quote: 4 एक राजा की स्थिति उसकी प्रजा पर ही आधारित होती है।

Maharshi Vedvyas – महर्षि वेदव्यास

Quote: 5 राजधर्म नौका की भाति है, और ये नौका धर्म रूपी समुद्र में स्थित होता है। और सतगुण नौका का संचालन करने वाला बल होता है, और धर्मशास्त्र ही उसे मजबूत बांधने वाली रस्सी है।

Maharshi Vedvyas – महर्षि वेदव्यास

Quote: 6 अहिंसा ही परम धर्म है , अहिंसा ही परम तप है अहिंसा ही परम ज्ञान है और अहिंसा ही परम पद है |

Maharshi Vedvyas – महर्षि वेदव्यास

Quote: 7 हित करने वाले लोगो को अपना समझो और अहित करने वाले लोगो को पराया |

Maharshi Vedvyas – महर्षि वेदव्यास

Quote: 8 निरोग रहना, कर्ज न होना, अच्छे-अच्छे लोगों से मेल-जोल रखना, अपनी आमदनी से जीविका चलाना और निभर्य होकर रहना यही इन्सान के सुख हैं।

Maharshi Vedvyas – महर्षि वेदव्यास

Quote: 9 इस दुनिया में न कोई किसी का दोस्त है और न कोई किसी का दुश्मन। स्वार्थ से ही दोस्त और दुश्मन एक-दूसरे से बंधे हुए हैं।

Maharshi Vedvyas – महर्षि वेदव्यास

Quote: 10 दुश्मनी की वजह से उत्पन होने वाली, आग एक पक्ष को राख किए बिना कभी शांत नहीं होती।

Maharshi Vedvyas – महर्षि वेदव्यास

महर्षि वेदव्यास के अनमोल विचार [10 – 11]- Maharshi Vedvyas Thoughts In Hindi


Quote: 11 बलवती आशा कष्टप्रद है, नैराश्य परम सुख है।

Maharshi Vedvyas – महर्षि वेदव्यास

Quote: 12 प्यार जैसा कोई सुख नहीँ है।

Maharshi Vedvyas – महर्षि वेदव्यास

Quote: 13 सत्य ,धर्म , सदाचार, बल और लक्ष्मी सब शील के ही आश्रय पर रहते हैं।

Maharshi Vedvyas – महर्षि वेदव्यास

Quote: 14 धर्म का पालने करने पर जो धन प्राप्त होता है, उस धन से बढ़कर कोई और दूसरा धन नहीं है।

Maharshi Vedvyas – महर्षि वेदव्यास

Quote: 15 जिसकी इंद्रियाँ वश मेँ रहती है , उसकी उसी की बुद्धि भी स्थिर रहती है।

Maharshi Vedvyas – महर्षि वेदव्यास

Quote: 16 शूरवीरता, विद्या, बल ,दक्षता और धैर्य, ये पांच इन्सान के स्वाभाविक मित्र हैं। और एक बुद्धिमान इन्सान हमेशा इनके साथ रहता हैं।

Maharshi Vedvyas – महर्षि वेदव्यास

Quote: 17 विजय प्राप्ति की इच्छा रखने वाले शूरवीर इन्सान अपने बल से और पराक्रम से वैसी विजय नहीं पाते, जैसी कि सज्जनता, सत्य, धर्म तथा उत्साह से प्राप्त कर लेते हैं।

Maharshi Vedvyas – महर्षि वेदव्यास

Quote: 18 विवेकी इन्सान को अपने मन में यह विचार जरुर करना चाहिए, कि मैं कहां हूं , यहां किसलिए आया हूं , कहां जाऊंगा, मैं कौन हूं और किसलिए किसका शोक करूं।

Maharshi Vedvyas – महर्षि वेदव्यास

Quote: 19 विद्या के समान कोई और दूसरा नेत्र नहीं है।

Maharshi Vedvyas – महर्षि वेदव्यास

Quote: 20 हासिल हुए धन को उपयोग करने में सिर्फ दो भूलें हुआ करती हैं, सुपात्र को धन न देना और अपात्र को धन देना ।

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महर्षि वेदव्यास के अनमोल विचार [20-30 ]- Maharshi Vedvyas Quotes In Hindi


Quote: 21 पुरुषार्थ के सहारे भाग्य भली भांति बढ़ता है।

Maharshi Vedvyas – महर्षि वेदव्यास

Quote: 22 बिना किसी की मदद के कोई भी ऊपर नहीं उठ सकता है।

Maharshi Vedvyas – महर्षि वेदव्यास

Quote: 23 मधुर शब्दों के साथ कही गई बात सभी प्रकार से कल्याण करती है, लेकिन कटु शब्दों दूआरा कही गई बात महान अनर्थ का कारण बन जाती है।

Maharshi Vedvyas – महर्षि वेदव्यास

Quote: 24 शरीर का दुःख तभी मिटता है , जब मन का दुःख मिटता है।

Maharshi Vedvyas – महर्षि वेदव्यास

Quote: 25 इन्सान के जीवन की कामयाबी इसी में है , कि वह कभी भी उपकारी के उपकार को कभी न भूले। और समय आने पर उससे बढ़कर उसका उपकार कर दे।

Maharshi Vedvyas – महर्षि वेदव्यास

Quote: 26 स्वर्ग की प्राप्ति से भी बढ़कर मन में संतोष होना होता है।

Maharshi Vedvyas – महर्षि वेदव्यास

Quote: 27 जिसके मन में संदेह हो , उसके लिए न लोक है, न परलोक है और न सुख।

Maharshi Vedvyas – महर्षि वेदव्यास

Quote: 28 जिस प्रकार आग को पानी से शांत किया जाता है ठीक उसी तरह से मन को ज्ञान से शांत किया जाता है।

Maharshi Vedvyas – महर्षि वेदव्यास

Quote: 29 दीपक तभी बुझता है , जब तेल खत्म हो जाता है , देव तभी नष्ट होते है जब कर्म क्षीण हो जाता है |

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Quote: 30 स्वार्थ बड़ा बलवान है। इसी वजह से कभी-कभी मित्र दुश्मन बन जाता है और दुश्मन मित्र।

Maharshi Vedvyas – महर्षि वेदव्यास

महर्षि वेदव्यास के अनमोल विचार [31-40 ]- Maharshi Vedvyas Quotes In Hindi


Quote: 31 आयु धर्म से बढ़ती है।

Maharshi Vedvyas – महर्षि वेदव्यास

Quote: 32 इन्सान की आशायें समुद्र के समान है , इस संसार में ऐसा कोई नहीं पैदा हुआ है जो मनुष्य की आशाओं का पेट भर सके।

Maharshi Vedvyas – महर्षि वेदव्यास

Quote: 33 सत्पुरुष लोग दूसरों द्वारा किये गये उपकारों को ही याद रखते हैं, उनके द्वारा किए हुए दुश्मनी को नहीं।

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Quote: 34 सत्य से सूर्य जलता है, सत्य से वायु बहती है,सत्य से आग जलती है सब कुछ सत्य में ही समाया हुआ है।

Maharshi Vedvyas – महर्षि वेदव्यास

Quote: 35 वह वाक्य श्रोता के हृदय में प्रवेश नहीं करता है।, जब वक्ता श्रोता की अवहेलना करके दूसरे के लिए अपनी बात कहता है |

Maharshi Vedvyas – महर्षि वेदव्यास

Quote: 36 याद रखो , बार -बार पुण्य करने से बुद्धि बढ़ता है ,और जो लोग बार पाप करते है , उनकी बुद्धि नष्ट हो जाती है |

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Quote: 37 जो लोग केवल दया से प्रेरित होकर सेवा करते हैँ ,उन लोगो को सुख की प्राप्ति जरुर होती है |

Maharshi Vedvyas – महर्षि वेदव्यास

Quote: 38 जिस इन्सान ने इच्छा का त्याग दिया हो , उसे घर छोड़ने की क्या जरूरत है, और जो इन्सान अपनी इच्छा में बंधा हो , उसको वन में रहने से क्या लाभ हो सकता है? वैसे सच्चा त्यागी जहां रहे वहीं वन और वही भवन है।

Maharshi Vedvyas – महर्षि वेदव्यास

Quote: 39 धर्म वही है जहां कृष्ण हैं और जय वही है , जहां धर्म है।

Maharshi Vedvyas – महर्षि वेदव्यास

Quote: 40 उस इन्सान ने पूरी दुनिया पर विजय हासिल कर ली , जिसने अपनी निंदा सह ली |

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महर्षि वेदव्यास के अनमोल विचार [40-50 ]- Maharshi Vedvyas Quotes In Hindi


Quote: 41 यह धर्म है , जो जैसे करे उसके साथ वैसा करो |

Maharshi Vedvyas – महर्षि वेदव्यास

Quote: 42 हमेशा दूसरो को लिए भी वही चाहो , जो अपने लिए चाहते हो |

Maharshi Vedvyas – महर्षि वेदव्यास

Quote: 43 वह सदा ही सन्यासी को समझने के योग्य होता है। जो इन्सान न किसी से ईर्षा करता है, और न किसी चीज़ को पाने की आशा रखता है।

Maharshi Vedvyas – महर्षि वेदव्यास

Quote: 44 वही सत्य को देखता है। जो इन्सान नाश होने वाले सब इंसानों में सम भाव से रहने वाले अविनाशी भगवान् को देखता है।

Maharshi Vedvyas – महर्षि वेदव्यास

Quote: 45 उस इन्सान के दुश्मन हमेशा उससे हार जाते है जो मुसीबत पड़ने पर दुखी नहीं होता है ,बल्कि उस मुसीबत को आराम से सह लेता है |

Maharshi Vedvyas – महर्षि वेदव्यास

Quote: 46 जो सज्जनता का उल्लंघन करते है ,उनकी संपत्ति ,आयु,यश,पुण्य, धर्म आशीष ,श्रेय नष्ट हो जाती है |

Quote: 47 शारीरिक बल वाला वास्तविक बलवान नहीं होता है , बल्कि बुद्धि बल वाला वास्तविक बलवान होता है |

Maharshi Vedvyas – महर्षि वेदव्यास

Quote: 48 फल मिले या न मिले एक विद्वान पुरुष उसके लिए शोक नहीं मनाता है |

Maharshi Vedvyas – महर्षि वेदव्यास

Quote: 49 क्रोध को मन में रखने से बेहतर है , उसी समय प्रकट कर देना |

Maharshi Vedvyas – महर्षि वेदव्यास

Quote: 50 जिस इन्सान के पास माँ होती है , वह इन्सान कभी बुढापा नहीं आता है , और जो माँ शब्द पुकारते घर में प्रवेश करता है , वह कभी निर्धन नहीं होता है |

Maharshi Vedvyas – महर्षि वेदव्यास

 
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