Kamasutra in Hindi – कामसूत्र की 64 कलाओं की जानकारी

Kamasutra in Hindi: आचार्य वात्‍स्‍यायन ने कामसूत्र की रचना की थी, अगर देखा जाए तो हर इन्सान को गृहस्‍थ जीवन में प्रवेश करने से पहले कामसूत्र से शिक्षा ले लेनी चाहिए, जो लोग आचार्य वात्‍स्‍यायन दूआरा की गई रचना कामसूत्रा से शिक्षा लेते है, वह लोग वैवाहिक जीवन में कष्ट नहीं उठाते है, तो आएये दोस्तों आज हम आचार्य वात्‍स्‍यायन बताई गई कामसूत्र की 64 कलाओं के बारे में जानते है-

कामसूत्र की 64 कलाएं Kamasutra in Hindi

कामसूत्र में लिखी गई 64 कलाएं: Kamasutra in Hindi


1. गानविद्या (संगीत का ज्ञान )

2. वाद्य ( अलग-अलग प्रकार के बाजे बजाना )

3. नृत्य

4. नाट्य

5. चित्रकारी

6. बेल-बूटे बनाना

7. चावल और पुष्पादि से पूजा के उपहार की रचना करना

8. फूलों की सेज बनाना

9. दांत, वस्त्र और अंगों को रंगना

10. मणियों की फर्श बनाना

11. शय्या-रचना ( बिस्तर की सज्जा )

12. जल को बांध देना

13. विचित्र सिद्धियाँ दिखलाना

14. हार-माला आदि बनाना

15. कान और चोटी के फूलों के गहने बनाना

16. कपड़े और गहने बनाना

17. फूलों के आभूषणों से श्रृंगार करना

18. कानों के पत्तों की रचना करना

19. सुगंध वस्तुएं-इत्र, तैल आदि बनाना

20. इंद्रजाल-जादूगरी

21. चाहे जैसा वेष धारण कर लेना

22. हाथ की फुती कें काम

23. तरह-तरह खाने की वस्तुएं बनाना

24. तरह-तरह पीने के पदार्थ बनाना

25. सूई का काम

26. कठपुतली बनाना

27. पहली

28. प्रतिमा आदि बनाना

29. कूटनीति

30. ग्रंथों के पढ़ाने की चातुरी

31. नाटक आख्यायिका आदि की रचना करना

32. समस्यापूर्ति करना

Kamasutra in Hindi : Art (33-64)


33. पट्टी, बेंत, बाण आदि बनाना

34. गलीचे, दरी आदि बनाना

35. बढ़ई की कारीगरी

36. गृह आदि बनाने की कारीगरी

37. सोने, चांदी आदि धातु तथा हीरे-पन्ने आदि रत्नों की परीक्षा

38- सोना-चांदी आदि बना लेना

39. मणियों के रंग को पहचानना

40. खानों की पहचान

41. वृक्षों की चिकित्सा

42. भेड़ा, मुर्गा, बटेर आदि को लड़ाने की रीति

43. तोता-मैना आदि की बोलियां बोलना

44. उच्चाटनकी विधि

45. केशों की सफाई का कौशल

46. मुट्ठी की चीज या मनकी बात बता देना

47. म्लेच्छ-काव्यों का समझ लेना

48. विभिन्न देशों की भाषा का ज्ञान

49. शकुन-अपशकुन जानना, प्रश्नों उत्तर में शुभाशुभ बतलाना

50. नाना प्रकार के मातृकायन्त्र बनाना

51. रत्नों को नाना प्रकार के आकारों में काटना

52. सांकेतिक भाषा बनाना

53. मनमें कटकरचना करना

54. नयी-नयी बातें निकालना

55. छल से काम निकालना

56. समस्त कोशों का ज्ञान

57. समस्त छन्दों का ज्ञान

58. वस्त्रों को छिपाने या बदलने की विद्या

59. द्यू्त क्रीड़ा

60. दूरके मनुष्य या वस्तुओं का आकर्षण

61. बालकों के खेल

62. मन्त्रविद्या

63. विजय प्राप्त कराने वाली विद्या

64. बेताल आदि को वश में रखने की विद्या

 
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