पीलिया रोग -Jaundice In Hindi

Jaundice In Hindi : पीलिया क्या है ?  पीलिया नामक बीमारी से इन्सान जब ग्रसित होता है, जब रोगी के लिवर में लाल रक्त कोशिकाएं (Red blood cell) टूट जाती हैं, और इन टूटी कोशिकाओ से पीले रंग का पित्तरंजक (Billrubin) नामक पदार्थ बनता है। और इस पित्तरंजक (Billrubin) की वजह से हमारे त्वचा और श्लेष्मिक कला (Mucocutaneous art) में पीलापन आ जाता है, जिसे हम पीलिया या कामला (Jaundice) कहते हैं।

इसका हमारे शरीर में असर तब दिखाई देता है जब पित्तरंजक (Billrubin)  का स्तर 1.0 % से बढ़कर 2.5% तक हो जाता है, आपकी जानकरी के लिए बता दे ये रोग एक नन्हें-नन्हें बच्चों से लेकर 80 साल तक के बूढ़ों में उत्पन्न हो सकता है।

पीलिया हो जाने पर हमारे मूत्र का रंग भी पीला इसलिए होने लगता है, क्योकि पित्त नलिका में रुकावट के कारण बिलीरुबिन(Billrubin) बढ़ जाता है जिसके मूत्र में फैलने से उसका रंग पीला हो जाता है। तो आइये अब हम इस पीलिया के प्रकार(Type Of Jaundice), लक्षण(Symptoms) , कारण(cause), इलाज और दवा के बारे में बिस्तार से जाने-

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पीलिया के प्रकार – Type Of Jaundice In Hindi


कामला या पीलिया  (Jaundice) बीमारी मुख्यता तीन प्रकार हैं –

1. हेपेटोसेल्यूलर पीलिया – Hepatocellular jaundice
2. हेमोलिटिक पीलिया – Hemolytic jaundice
3. ऑब्सट्रक्टिव पीलिया – Obstructive jaundice

हेपेटोसेल्यूलर पीलिया – Hepatocellular jaundice

इस प्रकार का पीलिया तब होता है, जब किसी इन्सान को लिवर की बीमारी या फिर चोट के कारण। अगर आप चोट या फिर लिवर की बीमारी से ग्रसित (Stricken) है तो आप पीलिया जैसी बीमारी का चेकप समय-समय पर करवाते रहे|

हेमोलिटिक पीलिया – Hemolytic jaundice

हेमोलिटिक पीलिया (Hemolytic jaundice), हेमोलिसिस (लाल रक्त कोशिकाओं का त्वरित विघटन) के कारण होती है, और हेमोलिसिस (लाल रक्त कोशिकाओं का त्वरित विघटन) तब बनता है जब बिलीरुबिन (Billrubin) ज़्यादा बनता है।

ऑब्सट्रक्टिव पीलिया – Obstructive jaundice

ऑब्सट्रक्टिव पीलिया (Obstructive jaundice) पित्त नलिका में रुकावट के कारण होता है जब एक प्रणाली जो बिलीरूबिन को जिगर छोड़ने से रोकता है।

पीलिया के लक्षण- Jaundice Symptoms in Hindi


पीलिया रोग होने पर हमारा शरीर पीला दिखने लग जाता है, शरीर पीला दिखने के साथ-साथ और भी बहुत सारे लक्षण हमारे शरीर में दिखने लग जाते है, जिसकी वजह से हम लोग बड़ी आसानी से जान सकते है, कि अब हम लोग पीलिया रोग से ग्रसित हो चुके है, अगर आप पीलिया जैसे रोगों से बचना चाहते हो तो आप अपने लीवर को हमेशा स्वस्थ रखो-

1. सिर में दर्द होना – Headache
2. पेशाब पीला आना – Pee pale
3. पेट दर्द का होना – Abdominal pain
4. भूख न लगना – Do not get hungry
5. रोगी को बुखार रहना – A fever sick
6. शरीर में खुजली –  Itching in the body
7. वजन में कमी का आना – Lack of people
8. शरीर में जलन का होना – Irritation of the body
9. कभी-कभी उल्टियो का आना  – Vomiting sometimes
10. अत्‍यधिक थका-थका सा लगना – To be extremely tired

पीलिया रोग के कारण – Jaundice Causes In Hindi


पीलिया रोग से इन्सान तब ग्रसित होता है, जब रक्त में बिलीरुबिन की मात्रा 2.5 से ज्यादा हो जाती है, और इसी कारण से पीलिया हो जाता है, बिलीरुबिन की मात्रा तभी बढती है, जब हम अपने लीवर या शरीर के अन्य अंग का देखभाल सही तरीके से नहीं करते है, तो आइये जाने किन कारणों से हमें इस बीमारी का सामना करना पड़ता है-

1. स्किल सेल के कारण
2. थैलेसीमिया के कारण
3. लिवर में घाव के कारण
4. गिल्बर्ट सिंड्रोम के कारण
5. दवाई की अधिक मात्रा से
6. एनीमिया बीमारी के कारण
7. पित्ताशय की पथरी के कारण
8. एसिडिटी के बढ़ जाने के कारण ।
9. काफी दिनों तक मलेरिया का होना ।
10. ज्यादा मात्रा में शराब का सेवन करना ।
11. ज्यादा मात्रा में नमक का सेवन करना ।
12. जरुरत से तीखे पदार्थो का सेवन करना ।

पीलिया रोग से बचाव – Prevention of Jaundice in Hindi


पीलिया बीमारी में अक्सर देखा गया है, कि त्वचा और आंखों का रंग हल्दी के जैसे पीला हो जाता है। इस बीमारी में पीड़ित इंसान अंदर-अंदर ही कमजोर होता चला जाता है, जिससे उसके स्वस्थ पर बहुत ज्यादा नुकसान पहुँचता है, आपकी जानकारी के लिए बता दे कि अगर आप किसी भी प्रकार की बीमारी से ग्रसित है तो आपको दवा के साथ-साथ अपने खान-पान पर बहुत ज्यादा ध्यान रखना चाहिए, तो आइये जानते है कि पीलिया से कैसे बचा जाए-

1. पीलिया में कोलेस्‍ट्रॉल घटाएं – Decrease Cholesterol For Jaundice In Hindi
2. पीलिया में शराब से रहें दूर – Stay Away From Alcohol For Jaundice In Hindi
3. पीलिया में सही आहार खाए – Eat The Right Diet For Jaundice In Hindi
4. पीलिया में सूरज की धूप सेके – Sun Sunshine For Jaundice In Hindi
5. पीलिया के लिए योग करे – Yoga Asanas For Jaundice In Hindi
6. जॉन्डिस डाइट इन हिंदी – Diet For Jaundice In Hindi
7. पीलिया रोग में गर्म पानी से स्नान करे – Take Warm Water Bath In Jaundice In Hindi

पीलिया का परीक्षण – Diagnosis of Jaundice in Hindi


पीलिया परिक्षण किसी एक वजह से निर्धारित नहीं किया जा सकता है, पीलिया का निर्धारण कई परिक्षण से होता है, सबसे पहले पीलिया में लिवर कार्य का परिक्षण किया जाता है, यह देखने के लिए कि लिवर ठीक से काम कर रहा है या नहीं।

लिवर में खराबी होने पर लिवर को इमेजिंग टेस्ट की मदद से देखा जाता है। इनमें कुछ परीक्षण इस प्रकार है –

एमआरआई स्कैन ( MRI scan ) – शरीर के नरम ऊतकों की छवि “स्लाइसें” बनाने के लिए चुंबकीय संकेतों का उपयोग होता है।

पेट की अल्ट्रासोनोग्राफी (अल्ट्रासाउंड Ultrasound )  – हमारे शरीर के अंदर नरम ऊतकों की एक दो-आयामी छवि बनाने के लिए उच्च आवृत्ति वाले ध्वनि तरंगों का उपयोग होता है।

सीटी स्कैन (कैट स्कैन) (CT Scan) – शरीर में नरम ऊतकों की छवि “स्लाइस” बनाने के लिए एक पतली एक्स-रे किरण का उपयोग होता है।

एन्डोस्कोपिक रेट्रोग्रैड कोलैंजियोपैनक्रीटोग्राफी (ईआरसीपी) (Endoscopic Retrograde Colangiopanectritography (ERCP)) – एक प्रक्रिया जो एंडोस्कोपी और एक्स-रे इमेजिंग को जोड़ती है।

पीलिया की पहचान अगर लिवर से नहीं होता है, तो रक्त परीक्षणों से पहचाना जाता है, ताकि बिलीरुबिन के स्तर की जांच हो सके और खून की संरचना का मूल्यांकन किया जा सके। इनमें से कुछ परीक्षण इस प्रकार है-

बिलीरुबिन टेस्ट (Bilirubin test ) – संयुग्मित बिलीरुबिन के स्तर के बराबर असंतुलित बिलीरुबिन का स्तर हेमोलिसिस को इंगित करता है।

कम्प्लीट ब्लड काउंट टेस्ट ( Complete blood count test ) – रक्त कोशिकाओं की गणना करने के लिए

पीलिया का घरेलू इलाज – Home Remedies for Jaundice in Hindi


पीलिया से ग्रसित मरीज के इलाज के साथ-साथ देखभाल करना बहुत ही ज्यादा जरुरी होता है। पीलिया का इलाज घरेलू उपचार के साथ हम अंग्रेजी दवा का भी प्रयोग कर सकते है, आइये जानते है कि किन नुस्खों से हम पीलिया का इलाज कर सकते है-

1. पीलिया का घरेलू उपाय है आंवला – Piliya ka gharelu upay hai amla in Hindi
2. जॉन्डिस का उपाय है जौ पाउडर – Jaundice ka upay hai barley in Hindi
3. पीलिया दूर करने का उपाय है गिलोय – Piliya ka gharelu nuskha hai giloy in Hindi
4. पीलिया को रोकने का उपाय है हल्दी – Piliya rog ka gharelu nuskha hai turmeric in Hindi
5. पीलिया को निकालने का तरीका है मूली – Piliya rog ka desi upay hai radish in Hindi
6. जॉन्डिस का घरेलू नुस्खा है कटनीप – Jaundice ko thik kare catnip se in Hindi
7. पीलिया का उपचार है गौ-मूत्र – Piliya Ka Upchar Hai Gau-Mootr
8. पीलिया का देशी सरल इलाज है गुड – Peeliya Ka Desi Saral Ilaaj Hai Gud
9. जॉन्डिस का घरेलू उपाय है जॉन्डिस बेरी – Jaundice me kare jaundice berry ka use in Hindi
10. जॉन्डिस से छुटकारा पाने का तरीका है कुटकी – Jaundice ka gharelu upay hai kutki in Hindi
11. पीलिया का देसी नुस्खा करे नींबू से – Jaundice ka desi upay hai lemon in Hindi
12. पीलिया से छुटकारा दिलाता है टमाटर रस – Piliya se chutkara dilata hai tomato juice in Hindi
13. पीलिया से बचाने का उपाय करें करेले से – Jaundice se bachne ke upay kare bitter gourd se in Hindi

पीलिया नवजात शिशु में –  Newborn Baby Jaundice In Hindi


नवजात शिशु संबंधी पीलिया आमतौर पर हानिरहित होता है, नवजात शिशु संबंधी पीलिया शिशुओं में जन्म के बाद लगभग दूसरे ही दिन देखी जाती है। लेकिन अगर प्रसव सामान्य हुआ है तो 8वें दिन तक रहती है, और अगर जन्म समय से पहले हुआ है तो 14वें दिन तक रहती है।

आपकी जानकारी के लिए बता दे, अगर नवजात शिशु संबंधी पीलिया चरम स्थितियों में, मस्तिष्क को नुकसान पहुंचाने वाली स्थिति मस्तिष्कीनवजातकामला (Kernicterus) उत्पन्न हो सकती है जिससे महत्वपूर्ण आजीवन अपंगता हो सकती है। इसलिए आपको जैसे ही नवजात शिशु संबंधी पीलिया के बारे में पता चले, जल्द ही आपको उसका उपचार करना चाहिए, क्योकि नवजात शिशु हम लोगो अपने बारे में बता नहीं सकते।

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