हजारी प्रसाद द्विवेदी के अनमोल विचार – Hazari Prasad Dwivedi Quotes In Hindi

हजारी प्रसाद द्विवेदी के अनमोल विचार - Hazari Prasad Dwivedi Quotes In Hindi

हजारी प्रसाद द्विवेदी के अनमोल विचार – Hazari Prasad Dwivedi Quotes In Hindi


Quote: 1 जीना भी एक प्रकार की कला है ,बल्कि ये कला ही नहीं , ये तपस्या भी है |

Hazari Prasad Dwivedi – हजारी प्रसाद द्विवेदी

Quote: 2 जीतते वही लोग है , जिनमे शौर्य,धैर्य,साहस,सत्व और धर्म होता है |

Hazari Prasad Dwivedi – हजारी प्रसाद द्विवेदी

Quote: 3 महान फल का जनक महान संकल्प होता है |

Hazari Prasad Dwivedi – हजारी प्रसाद द्विवेदी

Quote: 4 जो लोग दूसरो को धोखा देते है वे लोग खुद धोखा खाते है | और जो लोग दूसरो के लिए गड्ढा खोदता है उनके लिए कुआँ तैयार रहता है |

Hazari Prasad Dwivedi – हजारी प्रसाद द्विवेदी

Quote: 5 धर्म उसमे नहीं अंटता जिसमे बंधे नियम और आचार है |

Hazari Prasad Dwivedi – हजारी प्रसाद द्विवेदी

Quote: 6 मनुष्य को दूसरे की दया पर जीने का प्रलोभन देती है | दीनता उसी सोचने वाली दुर्बलता को कहते है |

Hazari Prasad Dwivedi – हजारी प्रसाद द्विवेदी

Quote: 7 दुनिया बस अपने स्वार्थ की मीत है |बस उतना ही याद रखती है जितना की उसका स्वार्थ चाहता है |

Hazari Prasad Dwivedi – हजारी प्रसाद द्विवेदी

Quote: 8 दही में जितना दूध डालते जाओगे वह दही बनता जायेगा | जो लोग संका करते है उनके दिल में हमेशा संका उत्पन्न होता ही रहता है |

Hazari Prasad Dwivedi – हजारी प्रसाद द्विवेदी

Quote: 9 बुद्धिमान लोग हमेशा स्वेच्छा से ही सही रास्ते पर चलते है |

Hazari Prasad Dwivedi – हजारी प्रसाद द्विवेदी

Quote: 10 वे लोग ही विचार में निर्भीक और सही तरीके से हुआ करते है ,जिन लोगो के अन्दर आचरण की दृढ़ता होती है |

Hazari Prasad Dwivedi – हजारी प्रसाद द्विवेदी

Quote: 11 प्रेम तप से उत्पन होता है। भक्ति साधना से मिलती है, और श्रद्धा के लिए अभ्यास और निष्ठा की जरूरत होती है।

Hazari Prasad Dwivedi – हजारी प्रसाद द्विवेदी

Quote: 12 प्रेम तप से उत्पन होता है। भक्ति साधना से मिलती है, और श्रद्धा के लिए अभ्यास और निष्ठा की जरूरत होती है।

Hazari Prasad Dwivedi – हजारी प्रसाद द्विवेदी

Quote: 13 बड़े काम करने के लिए बड़े हृदय की जरुरत होती है |

Hazari Prasad Dwivedi – हजारी प्रसाद द्विवेदी

Quote: 14 स्वयं की शांति के लिए तपस्या करना दुनिया का सबसे बड़ा स्वार्थ है। दूसरो की शांति के लिए अशांत होना ही एक सच्ची साधना होती है।

Hazari Prasad Dwivedi – हजारी प्रसाद द्विवेदी