गाजर के फायदे, उपयोग – Gajar ke Fayde Upyog in Hindi

गाजर के फायदे, उपयोग – Gajar ke Fayde Upyog in Hindi


1. फूल गोभी का रस और गाजर का रस समान मात्रा में मिलाकर पीते रहने से जोड़ों
और हड्डियों का दर्द के साथ अपच में लाभ होता है।

2. गाजर का रस 310 ग्राम, पालक का रस 185 ग्राम मिलाकर पीने से अपच की समस्या से राहत मिलती है।

3.  टमाटर, गाजर का रस 1-1 कप और 1 चम्मच अदरक का रस मिलाकर दिन में दो बार पीने से भूख खुलती है तथा लिवर भी ठीक रहता है।

4. खाली पेट एक गिलास गाजर का रस पीने से पेट के कीड़े नष्ट हो जाते हैं। कच्ची गाजर और ज्यादा लाभदायक होती है।

5. गाजर का रस, गाजर का सूप या गाजर का गर्म काढ़ा देने से पीलिया में लाभ होता है।

6. फूल गोभी का रस एवं गाजर का रस समान मात्रा में एक-एक गिलास तीन बार पिलाने से पीलिया में लाभ होता है।

7. गाजर का रस पीने से एसिडिटी ठीक हो जाती है।

8. गाजर का रस जलोदर की बीमारी जल्द ही ठीक हो जाती है।

9. गाजर यकृत रोग ग्रस्त, पित्तदोषग्रस्त व्यक्तियों को बार-बार गाजर खानी चाहिए।

10. गाजर का रस 310 ग्राम, पालक का रस 125 ग्राम मिलाकर पीने से श्वास नली की सूजन (ब्रोन्काइटिस) में आराम होता है। । सूखी खाँसी में बादाम मुँह में रखने से गला तर रहता है, खाँसी में लाभ होता है।

11. दमा में गाजर अथवा इसका रस बहुत ही लाभदायक होता है।

12. गाजर का रस 185 ग्राम, चुकन्दर 1150 ग्राम, खीरा या ककड़ी का रस 125 ग्राम मिलाकर पीने से दमा में अधिक लाभ होता है।

13. शलगम, बन्दगोभी, गाजर और सेम (बालोल) का रस मिला कर सुबह-शाम दो सप्ताह तक पीने से दमा में लाभ होता है।

14. टी.बी. में गाजर का रस पीना लाभदायक है।

15. गाजर का रस 310 ग्राम, पालक का रस 185 ग्राम मिलाकर नमक, जीरा डालकर पीने से मधुमेह रोग में फायदा होता है।

16. गुर्दे के रोगों में गाजर के बीज दो चम्मच एक गिलास पानी में उबाल कर पीने से पेशाब ज्यादा आता है।

17. ककड़ी ,गाजर और शलजम का रस पीने से गुर्दे यानि वृक्क रोग ठीक होते है।

18. टॉन्सिलाइटिस, कण्ठशालूक गाजर का रस पीने से ठीक हो जाते हैं।

19. कच्ची गाजर खाने या रस पीने से बवासीर में लाभ होता है, जब तक गाजर मिलती रहे, लगातार सेवन करें।

20. गाजर में सन्तुलित भोजन के तत्त्व होते हैं। इससे अनिद्रा रोग दूर हो जाता है। नित्य एक गिलास गाजर का रस पीयें।

21. गाजर का रस पिलाने से कम दूध की समस्या से छुटकारा मिलता है।

22. गाजर, ककड़ी, चुकन्दर (Beet) तीनों का रस समान मात्रा में मिलाकर पीने से गठिया के दर्द में शीघ्र लाभ होता है।

23. गाजर का रस प्रतिदिन पीने से मसूढ़ों और दाँतों में रोग पैदा नहीं होते। दाँतों की जड़ें मजबूत होती हैं।

24. 70 ग्राम गाजर का रस प्रतिदिन पीने से मसूड़े और दाँतों के राग पैदा नहीं होते।

25. गाजर में विटामिन ‘ए’ होने से इसका रस आँखों की कमजोरी दूर करता है।

26. गाजर का रस पीने से रतौंधी से छुटकारा मिलता है।

27. लगातार दो माह तक गाजर का हलुआ खाने से स्मरण शक्ति बढ़ती है।

28. सुबह सात बादाम खाकर ऊपर से सवा सौ ग्राम गाजर का रस, आधा किलो दूध में मिलाकर पीने से याददाश बढ़ती है।

29.लगातार दो माह तक गाजर का हलुआ खाने से स्मरण-शक्ति बढ़ती है।

30. गाजर का रस पीने से मोटापा बढ़ता है।

31. मूली के बीज, गाजर के बीज और दाना मेथी तीनों समान मात्रा में पीस, छानकर दो चम्मच गर्म पानी से फँकी दें। बन्द मासिक-धर्म खुलकर आयेगा

32. गाजर का आचार बनाकर खिलाने से तिल्ली कम हो जाती है।

33. बड़ी आँतों की सूजन में गाजर का रस 185 ग्राम, चुकन्दर का रस 150 ग्राम और खीरे   का रस 160 ग्राम मिलाकर पिलाने से ठीक हो जाता है

34. गाजर को उबाल कर इसकी लुगदी (Pulp) बना लें। इसे सड़े घावों पर लगाने से घाव ठीक हो जाते हैं।

35. गाजर के रस से चेहरा धोयें। इससे रंग साफ होगा। तैलीय त्वचा में यह लाभदायक है।

36. गाजर का बुरादा, बारीक टुकड़े कर लें। इसमें सेंधा नमक डालकर सेंकें और फिर गर्म-गर्म ही दाद पर बाँध दें। आराम मिलेगा।

37. गाजर का रस 185 ग्राम, चुकन्दर का रस 250 ग्राम, खीरा या ककड़ी का रस 125 ग्राम मिलाकर पियें। दाद के रोगी को राहत मिलेगा।