महर्षि वाल्मीकि रामायण से जुड़े रोचक तथ्य – Facts Of Maharshi Valmiki In Hindi

Maharshi Valmiki In Hindi: महर्षि वाल्मीक प्राचीन भारतीय महर्षि हैं। ये आदिकवि के रूप में प्रसिद्ध हैं।उन्होने संस्कृत में रामायण की रचना की। आदिकवि शब्द ‘आदि’ और ‘कवि’ के मेल से बना है। ‘आदि’ का अर्थ होता है ‘प्रथम’ और ‘कवि’ का अर्थ होता है ‘काव्य का रचयिता’। आइये जानते है, महाकाव्य के रचयिता वाल्मीक के बारे में कुछ अनसुने रोचक तथ्य-

महर्षि वाल्मीकि रामायण से जुड़े रोचक तथ्य - Facts Of Maharshi Valmiki In Hindi

वाल्मीकि रामायण से जुड़े रोचक तथ्य – Facts Of Maharshi Valmiki In Hindi


1. महर्षि वाल्मीकि ने महाकाव्य में चौबीस हज़ार श्लोक का निर्माण किया है।

2. खगोल  विद्या, और ज्योतिष शास्त्र के महर्षि वाल्मीकि प्रकांड पंडित थे।

3. लव और कुश को ज्ञान प्रदान करने वाले ऋषि वाल्मीकि ही थे।

4. वनवास काल के दौरान भगवान श्रीराम लक्ष्मण व सीता सहित महर्षि वाल्मीकि के आश्रम गए थे।

5. महर्षि वाल्मीकि का पूर्व नाम रत्नाकर था। ये अपने परिवार के पालन-पोषण के लिए लूट-पाट करते थे।

6. महर्षि वाल्मीकि को कुछ लोग निम्न वर्ग का मानते हैं, जबकि वाल्मीकि ने रामायण में स्वयं को प्रचेता का पुत्र कहा है।

7. वाल्मीकि ने ही कलयुग में गोस्वामी तुलसीदास जी रूप में  जन्म लिया और “रामचरितमानस” की रचना की।

8. वाल्मीकि रामायण इसलिए माना जाता है, क्योकि महर्षि वाल्मीकि स्वयं रामायण काल के थे और वे भगवान राम से मिले थे।

9. भगवान श्री राम ने जब माता सीता को त्याग दिया था, तब महर्षि वाल्मीकि ने ही अपने आश्रम में स्थान दे कर उनकी रक्षा की थी।

10. परमपिता ब्रह्मा जी की प्रेरणा से सारस पक्षी के वध पर महर्षि वाल्मीकि के मुख से श्लोक निकला था। जो बात स्वयं ब्रह्मा जी नें उन्हे बताई थी। उसी के बाद उन्होने रामायण की रचना की थी।

11. वाल्मीकि ऋषि ने संस्कृत के प्रथम महाकाव्य की रचना की थी

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