अटल बिहारी वाजपेयी की जीवनी – Atal Bihari Vajpayee Biography In Hindi

Biography In Hindi:पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी भारत माता के एक ऐसे सपूत हैं, जिन्होंने स्वतंत्रता से पहले और पश्चात भी अपना जीवन देश और देशवासियों के कल्याण के लिए जी रहे है महापुरुष अटल बिहारी वाजपेयी जी का जन्म 25 दिसम्बर 1924 में ग्वालियर, मध्यप्रदेश में हुआ था वे हिन्दी कवि, पत्रकार व प्रखर वक्ता भी हैं। वे भारतीय जनसंघकी स्थापना करने वाले महापुरुषों में से एक हैं, आइये दोस्तों अब हम लोग अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन से जुडी हर बात को बिस्तार से जानते है-

अटल बिहारी वाजपेयी की जीवनी - Atal Bihari Vajpayee Biography In Hindi

जीवनी बिंदु अटल बिहारी का जीवन परिचय
पूरा नाम अटल बिहारी वाजपेयी
जन्म 25 दिसम्बर 1924
जन्म स्थान ग्वालियर, मध्यप्रदेश
माता-पिता कृष्णा देवी, कृष्णा बिहारी वाजपेयी
विवाह नहीं हुआ
राजनैतिक पार्टी भारतीय जनता पार्टी
अवार्ड पद्म विभूषण – 1992
लोकमान्य तिलक अवार्ड – 1994
बेस्ट सांसद अवार्ड – 1994
पंडित गोविन्द वल्लभ पन्त अवार्ड – 1994
भारत रत्न – 2014

अटल बिहारी वाजपेयी बचपन व आरंभिक जीवन – Atal Bihari Biography In Hindi


श्री अटल बिहारी वाजपेयी जी का जन्म मध्यप्रदेश के ग्वालियर जिले में मध्यम वर्गीय परिवार सहधर्मिणी कृष्णा वाजपेयी की कोख से वाजपेयी जी का जन्म हुआ था। अटल बिहारी वाजपेयी जी के 7 भाई बहन थे पिता कृष्ण बिहारी वाजपेयी ग्वालियर में अध्यापन के साथ-साथ हिन्दी व ब्रज भाषा के कवि भी थे। स्वरास्ती स्कूल से स्कूल की पढाई पूरी करने के बाद अटल जी ने लक्ष्मीबाई कॉलेज से ग्रेजुएशन पूरा किया, इसके बाद उन्होंने कानपुर के DAVV कॉलेज से इकोनोमिक्स में पोस्ट ग्रेजुएशन किया, इसके आगे की पढाई उन्होंने नहीं की। इसके बाद आरएसएस द्वारा पब्लिश मैगजीन में एडिटर का काम करने लगे।

अटल बिहारी वाजपेयी जी को एक बहुत अच्छे पत्रकार, राजनेता व कवी के रूप में जाना जाता है, ये बात तो आप सभी लोग जानते ही होंगे कि अटल बिहारी वाजपेयी जी ने कभी शादी ही नहीं की, इसके बाद भी अटल बिहारी वाजपेयी जी दो बेटियों के पिता है, इन दोनों बेटियों (नमिता और नंदिता) को अटल बिहारी वाजपेयी जी ने गोद लिया था, अगर देखा जाए तो अटल बिहारी वाजपेयी जी एक सच्चे और ईमानदार देश भक्त रहे, डॉ॰ श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पण्डित दीनदयाल उपाध्याय की देख-रेख में राजनीति का पाठ तो पढ़ा ही, लेकिन साथ-साथ पाञ्चजन्य, राष्ट्रधर्म, दैनिक स्वदेश और वीर अर्जुन जैसे पत्र-पत्रिकाओं के सम्पादन का कार्य भी कुशलता पूर्वक करते रहे।

अटल बिहारी वाजपेयी राजनैतिक सफ़र – Atal Bihari Vajpayee Political Life In Hindi


स्वतंत्रता संग्रामी के रूप में अटल जी का राजनैतिक सफ़र शुरू हुआ 1942 के दौरान बाकि नेताओं के साथ उन्होंने भाग लिया और वह साथ-साथ जेल भी गए सन् 1955 में उन्होंने पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ा, परन्तु सफलता नहीं मिली। लेकिन फिरभी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और सन् 1957 में बलरामपुर (उत्तर प्रदेश) से जनसंघ के प्रत्याशी के रूप में विजयी होकर लोकसभा में पहुँचे। जब यह लोकसभा पहुंचे उसके बाद इन्होने सन् 1957-1977  तक जनता पार्टी की स्थापना तक वे 20 साल तक जनसंघ के संसदीय दल के नेता रहे। बाद में इन्होने जनता पार्टी को छोड़ दिया, जनता पार्टी को छोड़ने के बाद इन्होने विदेश में अपनी बहुत अच्छी छवि बनाई, क्योकि यह इस समय विदेश मन्त्री थे ।

सन् 1980 में फिर से इन्होने भारतीय जनता पार्टी की स्थापना में मदद की। 6 अप्रैल 1980 में भारतीय जनता पार्टी बनी  भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष पद का दायित्व भी वाजपेयी को सौंपा गयाअटल बिहारी वाजपेयी ने सन् 1997 में प्रधानमन्त्री के रूप में देश की बागडोर संभाली। 19 अप्रैल 1998 को पुनः प्रधानमन्त्री पद की शपथ ली 2004 कार्यकाल पूरा होने से पहले कराये गये भा०ज०पा० चुनावों में  (एन०डी०ए०) ने वाजपेयी के नेतृत्व में चुनाव लड़ा इस चुनाव में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला। इसके बाद वाजपेयी जी ने  सम्प्रति वे राजनीति से संन्यास ले लिया संन्यास लेने के बाद आज के समय में 6 -ए कृष्णामेनन मार्ग स्थित सरकारी आवास में रहते है।

अटल बिहारी वाजपेयी की प्रमुख रचनायें- Composition Of Atal Bihari Vajpayee In Hindi


महापुरुष अटल बिहारी वाजपेयी जी ने अपने जीवन में बहुत सारे महान कार्य किये है, उन महान कार्यो में उनकी कुछ प्रमुख प्रकाशित रचनाएँ भी शामिल है जो इस प्रकार हैं –

  • मृत्यु या हत्या
  • अमर बलिदान (लोक सभा में अटल जी के वक्तव्यों का संग्रह)
  • कैदी कविराय की कुण्डलियाँ
  • संसद में तीन दशक
  • अमर आग है
  • कुछ लेख: कुछ भाषण
  • सेक्युलर वाद
  • राजनीति की रपटीली राहें
  • बिन्दु बिन्दु विचार, इत्यादि।

अटल बिहारी वाजपेयी पुरस्कार द्वारा सम्मानित – Awarded by Atal Bihari Vajpayee In Hindi


  • पद्म विभूषण : 1992
  • डी लिट (कानपुर विश्वविद्यालय) : 1993
  •  लोकमान्य तिलक पुरस्कार : 1994
  • श्रेष्ठ सासंद पुरस्कार : 1994
  • भारत रत्न पंडित गोविंद वल्लभ पंत पुरस्कार : 1994
  • भारत रत्न से सम्मानित : 2014
  • डी लिट (मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय) : 2015 
  • ‘फ्रेंड्स ऑफ बांग्लादेश लिबरेशन वार अवॉर्ड’ : 2015
  • भारतरत्न से सम्मानित : 2015