आंबा हल्दी के फायदे और नुकसान – Amba Haldi ke Fayde Aur Nuksan In Hindi

आपने हल्दी के बारे में तो सुना ही होगा लेकिन आज हम आपको एक ऐसी हल्दी के बारे में बताएंगे जो जो की बहुत सारी बीमारियों के उपचार में प्रयोग किया जाता है। आंबा हल्दी से खांसी सांस रोग, हिचकी, रुक रुक कर पेशाब आना जैसी बीमारियों के उपचार में प्रयोग किया जाता है तो आइए जानते हैं आंबा हल्दी को किन किन उपचार में प्रयोग किया जाता है-

आंबा हल्दी के फायदे – Amba Haldi ke Fayde In Hindi


1. सूजन को कम करने के लिए आंबा हल्दी को गर्म करके बांधने से सूजन दूर हो जाती है

2. आंबा हल्दी और कालानमक को मिलाकर पानी के साथ पीने से पेट के दर्द में आराम होता है।

3. आंबा हल्दी को पीसकर शरीर में जहां पर खाज-खुजली हो वहां पर लगाने से आराम मिलता है।

4. 7 आमाहल्दी का चूर्ण, पांच ग्राम सफेद चंदन का चूर्ण शहद में मिलाकर सुबह और शाम सात दिन तक खाने से पीलिया रोग मिट जाता है।

5. 5 ग्राम सफेद चंदन, 7 ग्राम आंबा हल्दी का चूर्ण शहद में मिलाकर सेवन करने से पीलिया रोग दूर हो जाता है।

6.  10 ग्राम आंबा हल्दी व चौधारा लेकर घी में भून लें। उसमें पांच-पांच ग्राम सज्‍जी व सेंधानमक मिलाकर टूटी हड्डी व अंदर की चोट में लाभ होता है।

7.  समान मात्रा में चूना, आंबा हल्दी व गुड़ मिलाकर एक में पीस लें और गिल्‍टी पर बांध लें। इससे भी गिल्‍टी जल्‍दी फूटती है।

8 . काला दाग़ हो जाने पर आंबा हल्दी लगाए जल्द ही आराम मिलेगा।

आंबा हल्दी के नुकसान – Amba Haldi ke Nuksan In Hindi


हल्दी स्वास्थ्य लाभ प्रदान करती है, इस बात में कोई शक नहीं है, लेकिन हल्दी की अधिक खुराक या ज्यादा समय तक उपयोग कुछ प्रकार के दुष्प्रभावों का कारण बन सकता है, तो चलिए जानते हैं हल्दी के साइड इफेक्ट के बारे में जो निम्न हैं-

  • हल्दी का लंबे समय तक सेवन आपके पेट को खराब कर सकता है।
  • हल्दी के ज्यादा या फिर ज्यादा दिनों तक सेवन करने से रक्तस्राव के शिकार हो सकते है।
  • हल्दी से कीमोथेरेपी पर प्रभाव हो सकता है, इसलिए कीमोथेरेपी उपचार के दौरान हल्दी के उपयोग से बचना चाहिए।
  • हल्दी का प्रयोग पित्त या पित्त रुकावट से पीड़ित लोगों द्वारा नहीं किया जाना चाहिए।